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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में पिछले दिनों नकली शराब बनाने वाले सिंडिकेट का खुलासा पुलिस ने किया था। जिसमें दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस ने जेल भेज दिया है, लेकिन मामले का मुख्य आरोपी अब भी फरार है। ऐसे में पुलिस के अधिकारी उसके घर पहुंचे और मकान के बाहर 3 दिन के भीतर थाना में उपस्थित होने का नोटिस चस्पा किया है। मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। घटना के बाद से पुलिस प्रकरण के मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर निवासी विकास नगर कोतरा रोड गली नंबर 3 कोतरा रोड की गिरफ्तारी के लिए लगातार उसके संभावित ठिकानों में दबिश दे रही है। जहां बुधवार को एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर सीएसपी और डीएसपी, कोतरा रोड थाना प्रभारी समेत काफी संख्या में पुलिस जवान विनय सिंह ठाकुर के घर पहुंचे। जहां पुलिस टीम जब उसके निवास विकास नगर पहुंची, तो मकान के एक दरवाजें पर ताला लगा मिला। पुलिस द्वारा काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
घर में कोई नहीं मिला
ऐसे में पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि विनय सिंह और उसके परिजन पिछले कई दिनों से घर पर नहीं हैं। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार मकान प्रवेश के दो स्थानों पर नोटिस चस्पा कर आरोपी को तीन दिनों के भीतर थाना कोतरारोड में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरोपी की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा तैयार कर आगे कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
संपत्तियों का विवरण तैयार करने के निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी कोतरारोड शील आदित्य को फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की संपत्तियों का विस्तृत विवरण तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में लगातार दबिश, तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपी की तलाश जारी है।
क्या था पूरा मामला
8 जून 2026 की रात पुलिस व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने थाना कोतरारोड क्षेत्र के ग्राम धनागर में संचालित नकली शराब के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। कार्रवाई के दौरान 869 नग अलग-अलग पैमानों की लगभग 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, शराब के ढक्कन, फर्जी लेबल, होलोग्राम, शराब निर्माण व पैकेजिंग में इस्तेमाल सामग्री बरामद की गई थी। मामले में मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल को गिरफ्तार किया गया था, जिसने पूछताछ में अपने भाई सुभाष पटेल व विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर लंबे समय से नकली शराब का कारोबार संचालित करना स्वीकार किया था। बाद में 10 जून को फरार आरोपी सुभाष पटेल को भी उसके फार्म हाउस से गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह फार्म हाउस में बड़ी मात्रा में शराब का भंडारण करता था और उसमें स्प्रिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाते थे।
किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा
SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि नकली शराब का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर अपराध है। इस कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपी विनय ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सभी वैधानिक उपाय अपना रही है और आवश्यक होने पर उनकी संपत्तियों के संबंध में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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