![]()
धमतरी में नगर निगम की आर्थिक स्थिति को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पेट्रोल-डीजल के लगभग 33 लाख रुपये का भुगतान न करने के आरोप में कांग्रेस पार्षदों ने एक पेट्रोल पंप के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने निगम प्रशासन की वित्तीय कुप्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि धमतरी नगर निगम पिछले एक साल से पेट्रोल पंप संचालक का भुगतान नहीं कर पा रहा है। इस कारण निगम के कर्मचारियों को काम के लिए साइकिल का उपयोग करना पड़ रहा है। डीजल की कमी से शहर की सफाई, बिजली और पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। बुनियादी खर्चों का भुगतान नहीं हो पा रहा:कांग्रेसी पार्षद कांग्रेसी पार्षदों ने महापौर पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर करोड़ों के विकास कार्यों के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी खर्चों का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम को कंगाल कर दिया गया है। पिछली कांग्रेस सरकार ने नगर निगम को कंगाल छोड़ा:महापौर इन आरोपों पर महापौर ने पलटवार करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने ही नगर निगम को कंगाल स्थिति में छोड़ा था और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया था। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पेट्रोल पंप का भुगतान नहीं रोका जाएगा। “ट्रिपल इंजन” सरकार पूरी तरह से विफल है: आरोप नगर निगम नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि अंबेडकर चौक स्थित पेट्रोल पंप मालिक द्वारा अप्रैल 2023 से डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लगभग 37 लाख रुपये बकाया है। उन्होंने इसे दुखद बताते हुए कहा कि निगम प्रशासन ने एक साल से भुगतान नहीं किया है। नेता प्रतिपक्ष ने पंप संचालक से मुलाकात कर भुगतान कराने का आश्वासन दिया और कहा कि वे निगम कमिश्नर से मिलकर इस मुद्दे को हल करने का प्रयास करेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि “ट्रिपल इंजन” सरकार पूरी तरह से विफल है और विकास केवल कागजों पर हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम के गैरेज के बाहर चार से पांच ट्रैक्टर खड़े हैं, जिनके दोनों टायर पंचर हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है।
<
