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धमतरी जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों और महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। झुरानवागांव में रेत से लदे हाइवा वाहनों को रोककर ग्रामीणों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान महिलाओं ने अधिकारियों को चूड़ियां भेंट करने का प्रयास किया। विरोध प्रदर्शन के बाद आठ हाइवा वाहन जब्त किए गए, जबकि उनके चालक मौके से फरार हो गए। यह घटना महानदी से हो रहे अवैध रेत खनन और परिवहन को लेकर हुई, जो बिना किसी रोक-टोक के जारी था। ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग की लापरवाही के कारण रेत माफिया बेलगाम होकर महानदी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने बिना पिटपास के चल रहे रेत परिवहन का विरोध करते हुए गांव की सीमा पर 10 रेत लदे वाहनों को रोका। अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगा चूड़ियां भेंट की सूचना मिलने पर खनिज निरीक्षक जीतेंद्र चंद्राकर मौके पर पहुंचे। नाराज महिलाओं ने अवैध खनन पर रोक न लगाने का आरोप लगाते हुए उनसे तीखी बहस की। महिलाओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां भेंट करने की कोशिश की। उन्होंने अधिकारियों पर अवैध कारोबार में मिलीभगत का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि इसे जल्द नहीं रोका गया तो वे सार्वजनिक रूप से चूड़ियां भेंट करेंगी। भरी वाहनों के गुजरे से पेयजल पाइपलाइन खराब हो रहे हैं ग्रामीणों ने मांग की है कि झुरानवागांव में महानदी से हो रहा अवैध रेत खनन तुरंत बंद किया जाए। इसके अलावा, निर्माणाधीन कोलियारी-खरेंगा मार्ग पर रेत से लदे भारी वाहनों की आवाजाही रोकी जाए, क्योंकि इससे सड़क से गुजरी पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिए जिसके बाद शाम को ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। खनिज अधिकारी हेमंत चेरपा ने बताया कि उनकी टीम अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने पुष्टि की कि टीम सोमवार को झुरानवागांव पहुंची थी और वहां कार्रवाई की गई।
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