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धमतरी नगर निगम में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में एक विशेष सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हुआ और धक्का-मुक्की भी हुई। महापौर रामू रोहरा के उद्बोधन के बाद बहुमत के आधार पर एक संकल्प पारित किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन विकास विभाग से जारी पत्र के आधार पर शुक्रवार को नगर निगम के सभाहाल में यह विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच हंगामा शुरू हो गया। सभापति कौशिल्या देवांगन ने स्थिति को शांत कराया, जिसके बाद राष्ट्रगान और राज्यगीत गाया काले कपड़ों में दिखे भाजपा के जनप्रतिनिधि भाजपा पार्षद काले कपड़े और गमछे पहनकर बैठक में शामिल हुए थे। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने महिलाओं के लिए लाए गए बिल को गिराने का प्रयास किया। बैठक के बाद भाजपा पार्षदों ने महापौर के साथ गांधी प्रतिमा के समक्ष पहुंचकर नारेबाजी की और अपने संकल्प को दोहराया। महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन बिल महिलाओं का अपमान नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने बताया कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल 2023 में पारित हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने षड्यंत्र करते हुए महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल को एक साथ प्रस्तुत किया, जिसके कारण बिल पारित नहीं हो सका। सोनकर ने कहा कि कांग्रेस 2023 के महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन भाजपाइयों द्वारा महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन बिल लाना महिलाओं का अपमान है। विपक्षी पार्टियों ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया:महापौर वहीं, नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री महिलाओं को उनका अधिकार दिलाना चाहती थीं, लेकिन विपक्षी पार्टियों ने बिल को संसद में पारित नहीं होने दिया। महापौर ने बताया कि इस संबंध में निगम की विशेष सामान्य सभा की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा गया है, जिसमें नारी शक्ति वंदन बिल को फिर से लाने का आग्रह किया गया है।
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