मुनि शाश्वतरत्न सागर बोले-संसार स्वार्थ और पापों से भरा हुआ:कहा- नवकार जाप से होगी आत्मा की शुद्धि, दोषों से मुक्त होने का करें प्रयास

![]()
रायपुर के भैरव सोसायटी स्थित अरिहंत भवन में रविवार को नवकार जाप ग्रुप और अरिहंत हाईट्स वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 31वें नवकार जाप का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम मुनि शाश्वतरत्न सागर ठाणा-2 के सान्निध्य में संपन्न हुआ। मुनि शाश्वतरत्न सागर ने कहा कि नवकार जाप से मन को शांत रखने और अपने अंदर की बुराइयों को दूर करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति नियमित रूप से जाप और आत्मचिंतन करे, तो वह अपने जीवन को सही दिशा में ले जा सकता है। दोषों को दूर करने का प्रयास जरुरी उन्होंने कहा कि संसार में स्वार्थ, पाप और अज्ञान जैसी कई बुराइयां हैं। इनकी वजह से इंसान सही रास्ते से भटक जाता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपने दोषों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करना चाहिए। यही आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत है। कार्यक्रम में आशीष जैन, वीरेंद्र डागा, कमल जैन, दीपक कवाड़, निकुंज साचला और कमलेश ललवानी सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे। वीरेंद्र डागा ने बताया कि नवकार जाप का उद्देश्य लोगों को धर्म, आत्मचिंतन और अच्छे जीवन की ओर प्रेरित करना है।
Source link




