![]()
जिले में हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई है, लेकिन इसके बावजूद आपदा प्रबंधन की सुस्ती के कारण प्रभावित लोगों को अब तक राहत नहीं मिल पाई है। शनिवार और सोमवार को चली तेज हवाओं के साथ बारिश ने 100 से अधिक मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। गरीब परिवारों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने घरों की मरम्मत की है, जिसके लिए वे सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं। इतने बड़े नुकसान के बावजूद अब तक एक भी मुआवजा प्रकरण तैयार नहीं हो पाया है। कुआकोंडा और कटेकल्याण ब्लॉक में ही 100 से ज्यादा घर प्रभावित हुए हैं, लेकिन राजस्व अमले की सुस्ती के कारण नुकसान का सर्वे तक पूरा नहीं हो सका है। कहीं पीड़ित पटवारी के आने का इंतजार कर रहे हैं तो कहीं लोग तहसील दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। एसडीएम लोकांश एलमा ने बताया कि ग्राम सभाओं का आयोजन कर नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
<
