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छत्तीसगढ़ में डीएड अभ्यर्थियों का अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन शनिवार को 117वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों ने पूरे जोश और दृढ़ संकल्प के साथ आंदोलन जारी रखते हुए परशुराम जयंती के अवसर पर रामायण पाठ का आयोजन किया। धार्मिक आयोजन के जरिए सरकार तक पहुंचाई बात अभ्यर्थियों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को स्मरण करते हुए यह आयोजन किया। उनका कहना है कि यह केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सरकार को जगाने और उसकी संवेदनशीलता को झकझोरने का एक शांतिपूर्ण और सांस्कृतिक प्रयास है। शिक्षा मंत्री के बंगले की ओर निकाली रैली रामायण पाठ के बाद अभ्यर्थियों ने भगवा ध्वज के साथ शिक्षा मंत्री के बंगले की ओर रैली निकाली, ताकि अपनी मांग सीधे सरकार तक पहुंचा सकें। तूता धरना स्थल पर पुलिस ने रोका रैली के दौरान पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों को तूता धरना स्थल के गेट पर ही रोक दिया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार संवाद से बच रही है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। 2300 पदों से आगे बढ़ा आंदोलन, बना अधिकार की लड़ाई अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका संघर्ष अब केवल 2300 पदों की नियुक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह न्याय, अधिकार और सम्मान की लड़ाई बन चुका है। 117 दिनों से जारी यह आंदोलन अब जन-जन की आवाज बनता जा रहा है। जनसमर्थन की अपील अभ्यर्थियों ने प्रदेश की जनता, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस आंदोलन का समर्थन करें और इसे जनांदोलन का रूप दें, ताकि सरकार को अभ्यर्थियों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करने के लिए बाध्य होना पड़े।
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