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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक ओर भीषण गर्मी के चलते पानी का संकट गहराता जा रहा है, तो दूसरी ओर प्रशासन सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर सक्रिय नजर आ रहा है। मरवाही ब्लॉक के कटरा सहित कई ग्रामीण इलाकों में भूजल स्तर नीचे पहुंचने से हैंडपंप जवाब देने लगे हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को पानी के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। वहीं जिला मुख्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क हादसों पर रोक लगाने और शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने की। मार्किंग के अंदर गाड़ी खड़ी करने पर चालानी कार्रवाई कलेक्टर ने शहर की मुख्य सड़कों के दोनों किनारों पर सफेद मार्किंग पट्टी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्किंग के अंदर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई की जाएगी। हादसे रोकने इंजीनियरिंग सुधार के निर्देश साथ ही सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को पहले समझाइश देने और नहीं मानने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए वाहनों की गति सीमा तय करने और संकेतक बोर्ड लगाने पर जोर दिया। कलेक्टर और एसपी ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई अधिकारियों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार कार्य करने के निर्देश दिए। इसमें तिराहों और चौराहों का चौड़ीकरण, स्पीड ब्रेकर पर मार्किंग, घाट और पहाड़ी मार्गों पर क्रैश बैरियर व चेतावनी बोर्ड लगाने जैसे काम शामिल हैं। स्कूलों के सामने लगेगी रम्बल स्ट्रिप बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के सामने गति सीमा बोर्ड और रम्बल स्ट्रिप लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहनों की रफ्तार नियंत्रित की जा सके। 2343 चालान, 4.31 लाख रुपए जुर्माना प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी अमित बेक ने बताया कि यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस साल 15 मई तक मोटरयान अधिनियम के तहत 2,343 मामलों में कार्रवाई करते हुए 4 लाख 31 हजार 300 रुपए का जुर्माना वसूला गया है। इनमें बिना हेलमेट के 129 मामलों में 64,500 रुपए, तीन सवारी बैठाने पर 32,100 रुपए, नो एंट्री उल्लंघन पर 28,000 रुपए और शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में 10,000 रुपए का जुर्माना शामिल है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सभी एसडीएम, पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। समस्या की शिकायत जनदर्शन कार्यक्रम में की वहीं मरवाही ब्लॉक में कटरा गांव में पानी के बंटवारे पर ग्रामीणों के बीच तीखा विवाद उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जनदर्शन कार्यक्रम में की, जिसके बाद मरवाही के एसडीएम और जनपद सीईओ तत्काल जांच के लिए गांव पहुंचे। अधियकारियों के सामने भिड़े ग्रामीण पंचायत भवन में अधिकारियों के सामने ही ग्रामीणों के बीच पानी के वितरण को लेकर जमकर बहस हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग हैंडपंपों में अंडरग्राउंड पाइप लगाकर मनमाने ढंग से पानी खींच रहे हैं, जिससे अन्य लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने की कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया और उस अंडरग्राउंड वाटर सप्लाई पाइप को तत्काल बंद करवा दिया। साथ ही, पीएचई विभाग के कर्मचारियों को गांव के सभी खराब हैंडपंपों की तुरंत मरम्मत करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को जल्द ही जल संकट दूर करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी में उत्पन्न होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना अत्यंत आवश्यक है।
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