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बलौदाबाजार जिले के जिज्ञासु के पिता नरेंद्र वर्मा पलारी नगर में एक किराना दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी माता महेश्वरी वर्मा शासकीय प्राथमिक शाला सुकदा में प्रधानपाठिका हैं। साधारण आर्थिक स्थिति के बावजूद, जिज्ञासु ने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है। उनका बड़ा भाई वैभव भी नीट की तैयारी कर रहा है। परिवार मूल रूप से पलारी ब्लॉक के ग्राम गड़ाकुसमी का निवासी है और वर्तमान में नगर पंचायत पलारी के वार्ड 13 में रहता है। टॉप करूँगा सोचा भी नहीं था टॉपर बनने पर जिज्ञासु ने अपनी विनम्रता दिखाते हुए कहा, “मैंने सोचा भी नहीं था कि राज्य में टॉप करूंगा।” उन्होंने बताया कि वह जब भी समय मिलता, पढ़ाई कर लेते थे। हालांकि, परीक्षा से 21 दिन पहले उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली और अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित किया। इस रणनीति ने उन्हें बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद की। इंजीनियरिंग करना चाहते हैं जिज्ञासु भविष्य की योजनाओं के बारे में जिज्ञासु ने बताया कि वह इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। उनका सपना आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने का है।
उनकी इस उपलब्धि पर पिता नरेंद्र वर्मा ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे बेटे ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे बलौदाबाजार जिले का नाम रोशन किया है।” छोटे शहरों के छात्रों के लिए प्रेरणा है जिज्ञासु की सफलता जिज्ञासु की यह सफलता उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों में सीमित संसाधनों के बीच अध्ययन करते हैं। दसवीं में कम अंकों के झटके ने उन्हें हतोत्साहित नहीं किया, बल्कि उनमें और अधिक जोश भर दिया। आज वह पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल हैं, जिन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया कि सही दिशा, परिश्रम और परिवार के समर्थन से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
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