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भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले में जल जीवन मिशन योजना का क्रियान्वयन सवालों के घेरे में है। कई गांवों के पारा-मोहल्लों में घरों के सामने नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई। ऐसे में हर घर जल का सपना कागजों तक सिमटकर रह गया है। ताजा मामला गढ़मिरी ग्राम पंचायत के पूतमरका पारा का है, जहां बीते एक सप्ताह से करीब 40 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यहां क्रेडा विभाग द्वारा स्थापित सोलर आधारित पानी टंकी फूट गई है, जिसके कारण पूरे मोहल्ले में पानी की सप्लाई बंद हो गई है। भीषण गर्मी के बीच स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई परिवार खेतों में बने चूहों के बिलों में जमा पानी पीने को मजबूर हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर सरपंच को कई बार अवगत कराया जा चुका है। सरपंच द्वारा क्रेडा विभाग को सूचना देने की बात कही गई, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। लगातार शिकायतों के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। जल जीवन मिशन के तहत जिन गांवों में पानी टंकी का निर्माण नहीं हुआ है, वहां सोलर सिस्टम के जरिए पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। लेकिन रखरखाव के अभाव में ये सिस्टम भी बेकार साबित हो रहे हैं। गढ़मिरी पंचायत के पूतमरका सहित अन्य पारा में भी सोलर सिस्टम लंबे समय से बंद पड़े हैं। जानकारी के अनुसार एक-एक सिस्टम पर करीब साढ़े 5 से 6 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद निगरानी और मेंटेनेंस की व्यवस्था कमजोर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर मरम्मत और देखरेख की जाती, तो आज उन्हें इस तरह पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ता। इस संबंध में क्रेडा अधिकारी रविकांत भरद्वाज ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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