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नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी विश्वदीप ने जनगणना 2027 के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त रुख अपनाया है। विभिन्न विभागों के 44 कर्मचारी प्रशिक्षण और ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन के अनुसार, जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बाधा डालने और निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया गया है। नगर निगम रायपुर के उपायुक्त जनगणना जसदेव सिंह बाबरा ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य से इंकार करना या इसमें बाधा डालना जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11(1)(क) के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ राज्य सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण—मकान सूचीकरण और मकानों की गणना—1 मई 2026 से शुरू हो रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस राष्ट्रीय कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आगे भी जो कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई होगी।
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