![]()
बिलासपुर में शासकीय आदर्श पीजी अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा है। छात्राओं ने अधीक्षिका के स्थानांतरण, छात्रावास में व्याप्त कथित अनियमितताओं की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीटों में अनियमितता का आरोप छात्राओं ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि 50 सीटों वाले छात्रावास में केवल 42 छात्राओं को ही प्रवेश दिया गया है, जबकि शेष सीटों का उपयोग नियमों के विपरीत अन्य लोगों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रावास के संचालन और प्रशासनिक कार्यों में अधीक्षिका के परिवार के सदस्य हस्तक्षेप करते हैं, जिससे छात्राओं को असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल छात्राओं का कहना है कि अधीक्षिका की बेटी कई वर्षों से छात्रावास परिसर के दो हॉल और कुछ कमरों में रह रही है। छात्राओं के अनुसार, छात्रावास के मुख्य द्वार की चाबी भी उसके पास रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात तक छात्रावास का गेट खुला रहता है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। छात्राओं ने यह भी दावा किया कि पूर्व में लापरवाही के कारण छात्रावास के एक हॉल में आग लगने की घटना हो चुकी है। पांच सूत्रीय ज्ञापन में लगाए गंभीर आरोप कलेक्टर को सौंपे गए पांच सूत्रीय ज्ञापन में छात्राओं ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कथित अवैध वसूली, भोजन सहायता राशि में कटौती के लिए कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराने तथा विभिन्न सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया है। ज्ञापन में छात्रावास में बेड, गद्दे, टेबल, कुर्सी, कुशन और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा छात्राओं और कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न की शिकायत भी की गई है। जांच के बाद होगी कार्रवाई कलेक्टर संजय अग्रवाल ने छात्राओं को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्राओं की शिकायतों के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन द्वारा जांच शुरू किए जाने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
<
