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जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। गृह विभाग ने सभी कलेक्टरों को स्पष्ट आदेश दिया है कि, जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना अनुमति अवकाश नहीं दिया जाएगा। जनसंख्या गणना का काम 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक किया जाएगा। गृह विभाग के निर्देश के अनुसार, जनगणना में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना छुट्टी नहीं मिलेगी। बिना अनुमति कोई भी कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। विशेष परिस्थितियों में ही जिला जनगणना शाखा के माध्यम से अवकाश आवेदन होगा। पहले से स्वीकृत अवकाश भी कलेक्टर की अनुमति से ही मान्य होगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय सभी विभागों के कार्यालय प्रमुखों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गृह विभाग ने कहा कि, जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय काम है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यह आदेश महानदी भवन, नया रायपुर से जारी कर पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। 1 मई से शुरू होगा पहला चरण छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद भी अपने घर और परिवार की जानकारी भर सकेंगे। इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है। ऑनलाइन जानकारी भरने पर एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे बाद में कर्मचारियों को दिखाना होगा। घर-घर जाकर पूछे जाएंगे 33 सवाल
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