IMD Alert: मौसम विभाग ने सोमवार से तापमान में दो से तीन डिग्री बढ़ोतरी की संभावना (CG Weather Forecast) जताई है। …और पढ़ें

HighLights
- पांच दिनों से गर्मी पर मौसम ने लगाया था ब्रेक
- सोमवार से तापमान बढ़ने की संभावना
- अमित शाह ने आपदा तैयारियां समीक्षा की
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों से मौसम (CG Weather Update) के बदले मिजाज ने तेज गर्मी पर फिलहाल ब्रेक लगा रखा है। बादल, हल्की बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों (IMD Heatwave Alert) का कहना है कि सोमवार से प्रदेश में फिर गर्मी बढ़ने लगेगी और अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
मई महीने में सामान्य तौर पर तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिलता है, लेकिन इस बार शुरुआती दिनों से ही मौसम लगातार बदलता रहा है। पांच मई से प्रदेश में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हल्की बारिश और बादलों की वजह से लोगों को राहत मिली हुई है।
पांच दिनों में पांच डिग्री तक गिरा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार बीते पांच दिनों में अधिकतम तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जहां महीने की शुरुआत में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं अब अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
पिछले आठ दिनों में से छह दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम रहा। वहीं बिलासपुर में 37.4 डिग्री, पेंड्रारोड में 34.7 डिग्री और अंबिकापुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
अगले चार दिन बारिश और तेज हवा के आसार
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में मेघ गर्जन, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से छत्तीसगढ़ होते हुए पश्चिम बंगाल तक सक्रिय द्रोणिका के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव बना हुआ है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
अमित शाह ने लू और बाढ़ तैयारियों की समीक्षा की
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को संभावित बाढ़ और लू की स्थिति से निपटने के लिए देशभर की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर राज्य में बाढ़ संकट प्रबंधन टीमों (एफसीएमटी) का गठन कर उन्हें सक्रिय किया जाना चाहिए ताकि किसी भी आपदा में जनहानि न हो।
शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को यह अध्ययन करने के निर्देश दिए कि कितने राज्य लू, जंगलों में आग और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तय दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में बदलाव हो रहा है, इसलिए आपदा प्रबंधन के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जाना जरूरी है।
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