छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से प्रदेश में जमीनों के डायवर्जन को लेकर नया नियम लागू किया गया है। अब जमीनों के डायवर्जन के लिए एमडीएम ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन करके घर बैठे ही अपने जमीनों का डायवर्सन करा सकेंगे।
Publish Date: Sun, 14 Dec 2025 05:28:02 AM (IST)
Updated Date: Sun, 14 Dec 2025 05:39:43 AM (IST)

HighLights
- जमीन डायवर्जन के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
- छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने भूमि डायवर्सन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया
- अब एसडीएम को 15 दिनों के भीतर आदेश जारी करना अनिवार्य होगा
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया, रायपुर: राज्य सरकार ने भूमि डायवर्सन प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में किसानों और भूमि स्वामियों को एसडीएम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भूमि स्वामी सरकारी पोर्टल पर आवेदन करके घर बैठे ही अपने जमीनों का डायवर्सन करा सकेंगे। राजस्व विभाग ने इस नई व्यवस्था की अधिसूचना शनिवार को राजपत्र में प्रकाशित कर दी है।
नए नियमों के तहत नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुज्ञा की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम तक ऑनलाइन पहुंचेगा और एसडीएम को 15 दिनों के भीतर आदेश जारी करना अनिवार्य होगा। यदि तय समय में आदेश नहीं दिया गया, तो 16वें दिन ऑटोमेटिक सिस्टम से आदेश स्वतः मान्य हो जाएगा।
नई ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी। प्रीमियम दरें भी तय की गई हैं, जो नगर निगम और नगरपालिका क्षेत्रों में तीन से 25 रुपए प्रति वर्गमीटर तक होंगी। दरें आवासीय, कॉलोनी परियोजना, वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग, सार्वजनिक, संस्थागत, चिकित्सा सुविधाएं और विशेष आर्थिक क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होंगी।
यह भी पढ़ें- PM फसल बीमा योजना के तहत 23.28 लाख का गबन, केले और सब्जी की खेती वाली जमीन पर चना दिखाकर कराया Insurance
सरकार का दावा है कि इससे डायवर्सन प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी होगी, लंबित मामलों में कमी आएगी और अघोषित लेन-देन पर नियंत्रण भी सुनिश्चित होगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भूमि स्वामियों के लिए यह एक बड़ा राहत कदम माना जा रहा है।
<
