CGBSE Results 2026 Class 10th 12th: छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बोर्ड प …और पढ़ें

HighLights
- छत्तीसगढ़ बोर्ड का रिजल्ट जारी
- सीएम विष्णु साय ने की नतीजों की घोषणा
- टॉपर्स लिस्ट भी जारी हो गई है
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे (CGBSE Results 2026) जारी कर दिए हैं।छत्तीसगढ़ बोर्ड के 10वीं में 77.15% जबकि 12वीं में 83.04% छात्र पास हुए हैं। 12वीं की परीक्षा में जिज्ञासु वर्मा ने टॉप किया है, जबकि 10वीं कक्षा में तीन स्टूडेंट्स ने टॉप किया है। यहां संध्या, परीरानी और अंशुल ने पहला स्थान हासिल किया है।
5.66 लाख स्टूडेंट्स ने दी थी परीक्षा
बता दें कि इस साल 10वीं-12वीं के टोटल 5.66 लाख स्टूडेंट्स ने बोर्ड एग्जाम दिया था। इनमें 10वीं में 3,20,535 और 12वीं में 2,45,785 स्टूडेंट्स शामिल हैं। छात्र अपना रिजल्ट माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर रोल नंबर डालकर सीधे देख सकते हैं।
CGBSE 10वीं-12वीं का परीक्षा परिणाम https://t.co/gZAfKQlYHY
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) April 29, 2026
पिछले कुछ सालों से लगातार टॉपरों की सूची में लड़कियों का दबदबा रहा है। पिछले साल 10वीं-12वीं में 104 विद्यार्थी टॉप-10 की लिस्ट में थे, जिसमें 69 लड़कियां थी। इसके अलावा उत्तीर्ण होने में भी लड़कियां लड़कों से आगे रही हैं।
साल दर साल परिणाम हो रहा बेहतर
बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी साल दर साल बेहतर हो रहा है। पिछले साल 10वीं में 76.53 प्रतिशत, 12वीं में 81.87 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। बोर्ड परीक्षा के परिणामों का ट्रेंड बताता है कि छत्तीसगढ़ में हायर सेकेंडरी का रिजल्ट लगातार बेहतर हो रहा है। बीते चार सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सफलता का ग्राफ 80 फीसदी या उससे ऊपर ही बना हुआ है, जो शिक्षा के स्तर में मजबूती का संकेत है।
यह भी पढ़ें- UP Board result 2026: एक हजार उत्तर पुस्तिकाओं में नकल का शक, कई छात्रों का रिजल्ट रोका गया
बेटियों ने लगातार कायम रखी है अपनी बादशाहत
इस शैक्षणिक सुधार के बीच सबसे खास बात यह है कि बेटियों ने अपनी बादशाहत कायम रखी है। परिणामों के विश्लेषण से साफ है कि हर साल लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में काफी बेहतर रहा है, जिससे यह साबित होता है कि प्रदेश की छात्राएं पढ़ाई के मोर्चे पर लड़कों को लगातार पीछे छोड़ रही हैं।
<
