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छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ रविवार को जांच एजेंसियों ने चौतरफा कार्रवाई की। बिलासपुर और सक्ती जिलों में जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने दबिश देकर एक पुलिस अधिकारी और कलेक्टोरेट के बाबू को रंगे हाथ पकड़ा, वहीं कोरबा में सीबीआई ने एसईसीएल के एक लिपिक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। तीनों ही मामलों में आरोपी काम के बदले मोटी रकम की मांग कर रहे थे, जिन्हें जाल बिछाकर रंगे हाथ दबोचा गया।
कोरबा: पीएफ की फाइल आगे बढ़ाने के बदले घूस लेते लिपिक गिरफ्तार पीएफ राशि निकासी के एवज में रिश्वत मांगने वाले एसईसीएल कुसमुंडा के सीएमपीएफ विभाग के क्लर्क मनोहर लाल कौशिक को सीबीआई ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि कुसमुंडा खदान के एक कर्मी ने अपने खाते से 5 लाख रुपए निकालने के लिए आवेदन किया था, जिसे आगे बढ़ाने के बदले मनोहर 10 हजार रुपए की मांग कर रहा था। जब बाबू काम को तैयार नहीं हुआ, तो पीड़ित ने शिकायत भिलाई सीबीआई कार्यालय में की। रविवार को दफ्तर बंद होने से मनोहर ने कर्मचारी को रिश्वत की रकम लेकर दूसरी जगह बुलाया था। शिकायत की पुष्टि के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया। जैसे ही क्लर्क ने तय रकम ली, टीम ने उसे पकड़ लिया। बिलासपुर: जुर्माने का डर दिखाकर होटल संचालक से 1 लाख रु. मांगे थे एसीबी ने रविवार को कलेक्टोरेट में सहायक ग्रेड-3 विजय पांडेय को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पांडेय अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय में पदस्थ है। कोटा निवासी होटल संचालक देवेंद्र कश्यप के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई चल रही थी। मामले को निपटाने के लिए पांडेय ने 1 लाख तक जुर्माना लगने का डर दिखाया और 30 हजार रुपए में तय कर 20 हजार रिश्वत मांगी। इसमें से आरोपी 5 हजार रुपए पहले ही ले चुका था और शेष 15 हजार रुपए की मांग कर रहा था। देवेंद्र की शिकायत पर एसीबी ने ट्रैप बिछाया। रविवार को पांडेय ने शिकायतकर्ता को एडीएम कार्यालय बुलाया। जैसे ही बाबू ने 15 हजार रुपए लिए, उसे पकड़ लिया। सक्ती: मारपीट के मामले में बचाने के लिए मांगे थे 40 हजार रुपए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की टीम ने रविवार को चंद्रपुर थाने में पदस्थ एएसआई एसएन मिश्रा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक मामले में सख्त कार्रवाई से बचाने के एवज में कुल 40 हजार रुपए की मांग की थी, जिसकी दूसरी किस्त लेते समय वह पकड़ा गया। ग्राम बालपुर निवासी शिव प्रसाद बरेठ ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि सरस्वती जायसवाल द्वारा दर्ज मारपीट के मामले में राहत दिलाने के नाम पर एएसआई रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के सत्यापन के दौरान यह तथ्य सही पाया गया कि आरोपी 20 हजार पहले ही ले चुका था और शेष राशि के लिए दबाव बना रहा था।
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