भास्कर न्यूज | बालोद जिले में एक नई शुरुआत होने जा रही है ‘प्रोजेक्ट दिनकर’। देश और प्रदेश की अपनी तरह की पहली योजना है, जिसे बालोद जिले में प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के अंतर्गत 28 ग्राम पंचायतों में लगभग 1365 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इससे हर साल करीब 14.27 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे लगभग 91 लाख रुपये की वार्षिक बचत का अनुमान है। आने वाले 25 वर्षों में यह बचत करीब 22.79 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि योजना के तहत स्कूल, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य शासकीय भवनों की छतों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे बिजली खर्च में बड़ी कमी आएगी और गांवों में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी।अब तक हजारों आवेदनों में से बड़ी संख्या का मौके पर समाधान किया जा चुका है। जिले में 1 अप्रैल से 15 जून तक राजस्व पखवाड़ा जिले में 1 अप्रैल से 15 जून तक तीन चरणों में राजस्व पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इसमें नामांतरण, सीमांकन, खाता विभाजन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे मामलों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार देने के लिए स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वे कर संपत्ति कार्ड दिए जा रहे हैं। जिले के सैकड़ों गांवों में सर्वे पूरा हो चुका है और हजारों हितग्राहियों को लाभ मिला है। स्कूली बच्चों के लिए समर कैंप आयोजित कर शिक्षा, खेल और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं ज्ञान भारतम मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वे और डिजिटलीकरण कर सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा रहा है।
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