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गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार, 27 अप्रैल को देशभर में व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान हजारों तहसीलों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। यह अभियान बड़े जनआंदोलन के रूप में सामने आया, जिसमें विभिन्न वर्गों की भागीदारी देखने को मिली। बेमेतरा की सभी तहसीलों में रैली, बड़ी संख्या में जुटे लोग बेमेतरा जिले की सभी तहसीलों में भी भव्य आयोजन किए गए। बड़ी संख्या में गौभक्त, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संगठनों के सदस्य और आम नागरिक शामिल हुए। नगर में रैली निकालकर गौ संरक्षण और गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर जागरूकता फैलाई गई। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इसमें शामिल लोग तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर चल रहे थे, जिन पर गौ संरक्षण से जुड़े संदेश लिखे थे। पूरे कार्यक्रम में आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का माहौल नजर आया। तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गौवंश संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गौवंश के अस्तित्व पर संकट आ सकता है। गौ सेवक धीरज साहू ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमाता का दर्जा देने से गौ संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और समाज को जागरूकता का संदेश जाएगा। साजा नगर पंचायत अध्यक्ष हिमांशु वर्मा ने कहा कि गौ संरक्षण केवल आस्था नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। नगर स्तर पर इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी। तहसीलदार विनोद कुमार बंजारे ने बताया कि गौ सेवकों द्वारा राष्ट्रपति, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है, जिसे नियमानुसार आगे प्रेषित किया जाएगा।
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