रायपुर उपभोक्ता आयोग ने खराब गोभी बीज बेचने पर कंपनी पर 14 लाख जुर्माना लगाया। जांच में बीज दोषी पाए गए, किसानों को नुकसान की भरपाई और मानसिक क्षति मु …और पढ़ें

HighLights
- खराब बीज बेचने पर कंपनी पर 14 लाख जुर्माना लगा
- उपभोक्ता आयोग ने कंपनी की अपील खारिज कर दी
- जांच में बीज गुणवत्ता खराब, मौसम कारण नहीं माना
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। किसानों को गोभी के खराब बीज बेचने वाली कंपनी को राज्य उपभोक्ता आयोग ने 14 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक महीने के भीतर भुगतान नहीं करने पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने नोबेल सीड्स प्राइवेट लिमिटेड की अपीलों को खारिज कर दिया है। जिला उपभोक्ता आयोग कबीरधाम के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें घटिया बीज के कारण किसानों को हुए नुकसान की भरपाई का आदेश दिया था।
कबीरधाम जिले के किसानों ने कंपनी के नोबेल हैप्पी 101″ किस्म के फूलगोभी के बीज इस भरोसे पर खरीदे थे कि वे गर्मी की खेती के लिए सर्वोत्तम हैं, लेकिन फसल तैयार होने पर किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। लगभग 50 से 60 प्रतिशत पौधों में फूल ही नहीं आए, जो फसल बची, वह रेशेदार और लालिमा युक्त थी, जिसे बाजार में कोई खरीदार नहीं मिला। आर्थिक मुआवजे के अलावा आयोग ने कंपनी पर प्रत्येक किसान को मानसिक प्रताड़ना देने के लिए जुर्माना व वाद व्यय देने का निर्देश दिया है।
किसे कितना मिलेगा मुआवजा?
- पुरषोत्तम निर्मलकर, 10,24,980 रुपये, अतिरिक्त दंड व वाद व्यय, 10.25 लाख
- टेकूराम कश्यप, 1,97,740 रुपये, अतिरिक्त दंड व वाद व्यय, 1.97 लाख
- भारत कश्यप, 1,67,960 रुपये, अतिरिक्त दंड व वाद व्यय, 1.67 लाख
रिपोर्ट ने खोली दावों की पोल
- कंपनी ने दलील दी थी कि फसल ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण बर्बाद हुई। हालांकि उद्यानिकी विभाग की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम की जांच रिपोर्ट ने इसे सिरे से नकार दिया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि फसल की विफलता का मुख्य कारण बीजों की आंतरिक गुणवत्ता में कमी थी।
- आयोग के अध्यक्ष गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने कहा कि कंपनी अपने पक्ष में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि एक साधारण किसान से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह भविष्य में विवाद की आशंका में बीजों का नमूना बचाकर रखे।
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