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सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इस घटना में 15 मजदूर घायल हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस ने प्लांट प्रबंधन सहित अन्य लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आपराधिक लापरवाही के संकेत मिले हैं। इसके आधार पर डभरा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106, 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूरों का पंचनामा और पोस्टमार्टम पूरा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच जारी है। विशेषज्ञ टीम की रिपोर्ट का इंतजार औद्योगिक स्वास्थ्य व सुरक्षा विभाग, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) व तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इन रिपोर्टों के आधार पर जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। 8 से 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर पुलिस के अनुसार कंपनी प्रबंधन सहित अन्य संबंधित लोगों पर कुल 8 से 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर आगे कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे प्लांट सिक्योरिटी हेड प्रेम झा के मुताबिक, हादसे में कुल 36 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 12 लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। बाकी लोग बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं। घायल मजदूरों का इलाज जारी रायगढ़ के अलग अलग अस्पताल में 11 घायलों का इलाज चल रहा है। रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं 2 मजदूरों उमेंद्र और किस्मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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