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धमतरी जिले में गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र में शुरू की गई वाटर एंबुलेंस सेवा सोमवार को एक मजदूर के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। ठेमली आइलैंड पर काम कर रहे मजदूर की तबीयत अचानक बिगड़ने पर इस सेवा का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया। सिरपुर निवासी शंकर कमार ठेमली आइलैंड में कार्यरत थे, जब अचानक उनके ऊपर एक सांप गिर गया। इससे उनके सिर में तेज जलन और घबराहट शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख ठेकेदार ने तत्काल गंगरेल ब्लू एडवेंचर टीम को सूचना दी। धमतरी पहुंचने में पहले 1 घंटे से अधिक समय लगता था डूबान क्षेत्र के लोगों को पहले धमतरी पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लगता था, जिससे उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगरेल बांध में वाटर एंबुलेंस सेवा शुरू की थी, जिसका अब सीधा लाभ मिलना शुरू हो गया है। मरीज शंकर कमार ने बताया कि वे ठेमली में सड़क बनाने का काम कर रहे थे, तभी उनके ऊपर सांप गिर गया। इसके बाद उन्हें घबराहट और चक्कर आने लगे। ठेकेदार को सूचना देने के बाद उन्हें बोट एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार आया है। थर्ड पार्टी के माध्यम से वाटर एंबुलेंस का संचालन कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि गंगरेल बांध में थर्ड पार्टी के माध्यम से वाटर एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। डूबान क्षेत्र में सात पंचायतें हैं, जिनके निवासियों को धमतरी पहुंचने में काफी समय लगता था। वाटर एंबुलेंस के जरिए मरीजों को गंगरेल तक लाया जाता है, जहां से एक अन्य एंबुलेंस उन्हें अस्पताल रेफर करती है। मरीजों के लिए कोई शुल्क नहीं कलेक्टर ने यह भी बताया कि सोमवार को यह पहला ऐसा मामला था, जिसमें ठेमली आइलैंड पर बन रहे निर्माण स्थल से एक मरीज को वाटर एंबुलेंस के माध्यम से लाया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह एंबुलेंस केवल मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि छात्रों और ग्रामीणों के लिए भी उपलब्ध होगी, जो धमतरी में किसी भी कार्य के लिए गंगरेल बांध तक आना चाहते हैं। इसके लिए एक सामान्य शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि मरीजों के लिए कोई शुल्क नहीं होगा।
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