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राजेश अग्रवाल बोले- कोई बच्चा शिक्षा से न रहे वंचित:जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत, शिक्षकों का भी हुआ सम्मान




सरगुजा के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन पर्यटन-संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर मंत्री और अन्य अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही समाज में कौशल, आत्मविश्वास और समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि शासन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और कोई भी विद्यार्थी ड्रॉपआउट न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा आज के समय में सफलता का मूल मंत्र है और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का विशेष महत्व राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा जैसे जनजातीय बहुल जिले में शिक्षा का महत्व और भी अधिक है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों का स्कूल में नामांकन कराना नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आए, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपने सपनों को साकार करे। उन्होंने सभी से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की। अतिथियों ने बच्चों को दी शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि शासन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। भारत सिंह सिसोदिया ने शिक्षकों से बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने की अपील की।
शिक्षकों की कमी दूर करने अतिथि व्याख्याताओं की होगी नियुक्ति कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि जिले के भवनविहीन विद्यालयों के लिए नए भवनों की स्वीकृति दी गई है। बच्चों के जाति प्रमाणपत्र बनाए गए हैं और पीवीटीजी समुदाय के बच्चों का अगली कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विद्यार्थियों का रायपुर के निजी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की जा रही है। कलेक्टर ने प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। छात्राओं को साइकिल, बच्चों को अध्ययन सामग्री वितरित शाला प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा पहली, छठवीं और नवमी में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, स्कूल बैग और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। वहीं साइकिल वितरण योजना के तहत 21 पात्र छात्राओं को साइकिल देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट शिक्षकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा दूत पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले 21 तथा ज्ञान दीप पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित 3 शिक्षकों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों और कर्मचारियों का भी शॉल-श्रीफल देकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और छात्र रहे मौजूद कार्यक्रम में नगर निगम महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, संयुक्त संचालक (शिक्षा) संजय गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, डीएमसी सर्वजीत पाठक, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



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