क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर टीचर से 1.54 करोड़ ठगे:स्टूडेंट ने साथियों के साथ मिलकर मुनाफे का दिया झांसा, वापस मांगने पर आरोपी परिवार समेत फरार

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राजधानी रायपुर में क्रिप्टोकरेंसी और यूएसडीटी ट्रेडिंग में निश्चित मुनाफे का झांसा देकर एक शिक्षक से 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित शिक्षक ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने पहले कुछ समय तक लाभांश देकर भरोसा कायम किया और बाद में रकम लौटाने के नाम पर अलग-अलग बहाने बनाते रहे। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों का नाम नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला शिकायतकर्ता पुष्कर जैन ने पुलिस को बताया, कि वर्ष 2020-21 में कोचिंग के विद्यार्थी नेहल अग्रवाल से पहचान हुई थी। नेहल ने उन्हें ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और अन्य परिजनों से मिलवाया। आरोपियों ने बताया कि वे क्रिप्टोकरेंसी और यूएसडीटी ट्रेडिंग का कारोबार करते हैं और इसमें 25 से 30 प्रतिशत तक मासिक लाभ होता है। निवेशकों को 8 से 10 प्रतिशत निश्चित मुनाफा देने का दावा भी किया गया। बैंक से लेकर कर्ज तक की रकम लगाई शिकायत के अनुसार 22 अगस्त 2024 से अलग-अलग तारीखों में पुष्कर ने आरोपियों के खातों में रकम ट्रांसफर करना शुरू किया। उन्होंने अपनी जमा पूंजी के अलावा बैंक और अन्य स्रोतों से कर्ज लेकर भी निवेश किया। शुरुआती दौर में कुछ लाभांश मिलने के बाद उनका भरोसा और बढ़ गया। शिक्षक के मुताबिक जब उन्होंने मूल रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने मुंबई से पैसा आने, ट्रेडिंग आईडी ब्लॉक होने और पैसा फंसने जैसे बहाने बनाए। जनवरी 2025 में उन्होंने आरोपियों के मोवा स्थित निवास पहुंचकर रकम वापस मांगी। वहां सीमा देवी अग्रवाल, संजय अग्रवाल, ललित और विवेक अग्रवाल ने दो महीने में पूरी राशि लौटाने का आश्वासन दिया। दोबारा 9.90 लाख लगाए, फिर फोन बंद आरोप है कि बाद में नमित अग्रवाल उर्फ विक्की ने भी व्यक्तिगत गारंटी देकर दोबारा निवेश के लिए कहा। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को शिक्षक ने सीमा देवी के खाते में 9.90 लाख रुपए और जमा किए। आरोप है कि इसके दो दिन बाद 5 फरवरी से सभी आरोपी मोबाइल बंद कर रायपुर स्थित मकान छोड़कर फरार हो गए। शिकायत में बताया गया है कि नेहल, ललित, विवेक और सीमा देवी समेत अन्य खातों में कुल 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। शिक्षक के मुताबिक उन्हें टेलीग्राम के ‘पंप एंड डंप’ ग्रुप में भी जोड़ा गया था। फिलहाल मामले में आरोपियों की भूमिका और रकम के लेन-देन की जांच की जा रही है।
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