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कोरबा जिले में भीषण गर्मी और लू के कारण सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई है। यह घटना पाली विकासखंड के नौकोनिया तालाब किनारे 23 मई को सामने आई, जहां बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चमगादड़ों की मौत का कारण हीट स्ट्रोक बताया गया है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटना के बाद क्षेत्र में चमगादड़ों की मौत का सिलसिला जारी है। हालांकि पहले की तुलना में अब प्रतिदिन 2 से 3 चमगादड़ों की मौत हो रही है। वन विभाग की जांच और निगरानी पाली रेंजर योगेश्वर बंजारे ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने मृत चमगादड़ों का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत अत्यधिक तापमान और लू के कारण हीट स्ट्रोक से हुई है। गर्मी के कारण बढ़ रहा खतरा रेंजर के अनुसार, चमगादड़ रात में भोजन के बाद सुबह अपने ठिकानों पर लौटते हैं। तेज धूप वाले स्थानों पर बैठने पर वे हीट स्ट्रोक की चपेट में आ रहे हैं। वन विभाग और ग्रामीण क्षेत्र पर लगातार नजर रख रहे हैं। कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत देखी है। नौकोनिया तालाब किनारे पेड़ों पर रहने वाले सैकड़ों चमगादड़ों में से अब कई पेड़ खाली हो चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, चमगादड़ों के शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने पर खतरा बढ़ जाता है। वर्तमान में कोरबा का तापमान लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।
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