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वाणिज्य, उद्योग, आबकारी और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में 13 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति, नई कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई और अनुमोदन किया गया। मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जिले में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से कोरबा जिले में अतिरिक्त विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत कार्यों में स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण, पुल निर्माण शामिल हैं। मंत्री ने सभी कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) से जुड़े कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। डीएमएफ से कोरबा को नई पहचान मिलेगी सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ से कोरबा को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण, राखड़ बांध समस्या, पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।उन्होंने गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता, बारिश से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की आपूर्ति, जर्जर स्कूल भवनों के सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक प्रेमचंद पटेल ने कौशल विकास, रोजगार सृजन, दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। विधायक तुलेश्वर मरकाम ने डीएमएफ निर्माण पोर्टल को जनहित में उपयोगी बताया। उच्च प्राथमिकता कार्यों पर खर्च होगी कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि डीएमएफ नियमों में संशोधन कर वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य खनन के दुष्प्रभाव कम करना, प्रभावित क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधार करना है। लगभग 70 प्रतिशत राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण जैसे उच्च प्राथमिकता कार्यों पर खर्च होगी। 30 प्रतिशत राशि अन्य अधोसंरचना विकास पर उपयोग होगी। जिले के 5 विकासखंडों के 564 गांव प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित हैं। 15 किलोमीटर क्षेत्र प्रत्यक्ष प्रभावित, 25 किलोमीटर क्षेत्र अप्रत्यक्ष प्रभावित माना जाएगा। नई योजनाएं और अनुमोदन बैठक में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के सहयोग से बेसलाइन सर्वे पर आधारित पर्सपेक्टिव योजना निर्माण, एंडोमेंट फंड गठन, परियोजना प्रबंधन इकाई चयन, डिजिटल सशक्तिकरण हेतु वेबसाइट और पोर्टल विकास, थर्ड पार्टी ऑडिट, टोल-फ्री नंबर सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 519.11 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई। इसके विरुद्ध 1498 कार्यों के लिए 529.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
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