भास्कर न्यूज | कवर्धा मिडिल स्कूलों की वार्षिक परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। छत्तीसगढ़ के 5 जिले कबीरधाम, दुर्ग, धमतरी, बालोद और बलरामपुर में कक्षा 6वीं और 7वीं के प्रश्न पत्र बार-बार हूबहू एक जैसे पाए गए हैं। शुक्रवार 10 अप्रैल को आयोजित अंतिम परीक्षा कक्षा 6वीं अंग्रेजी और 7वीं सामाजिक विज्ञान के पेपर मिलान में फिर यही चौंकाने वाला सच सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर से 4 फरवरी को जारी निर्देशों में साफ कहा गया था कि हर जिले में प्रश्न पत्र तैयार किया जाएगा। मॉडरेशन और संचालन के लिए अलग समिति बनाई जाएगी। उसी आधार पर पेपर तैयार कराए जाएंगे। लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। कई जिलों ने खुद प्रश्न पत्र बनाने के बजाय दूसरे जिले के पेपर को ही ज्यों का त्यों प्रिंट करवा लिया। पहले आउट, फिर उसी से परीक्षा: चौंकाने वाली बात यह है कि 30 मार्च को जिन जिलों (कबीरधाम, दुर्ग, धमतरी, बलरामपुर) में परीक्षा हो चुकी थी, उसी प्रश्न पत्र से 1 अप्रैल को बालोद जिले में परीक्षा ले ली गई। यानी छात्रों के पास पहले से मौजूद प्रश्न पत्र से ही परीक्षा कराई गई। यह निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। { जिला स्तर पर प्रश्न पत्र सेट किए गए थेरू जिला शिक्षा अधिकारी एफआर वर्मा का कहना है कि जिला स्तर पर प्रश्न पत्र सेट किए गए थे। उसे प्रिंटिंग के लिए दिया था। हो सकता है कि अन्य जिलों ने भी उसी प्रश्न पत्र को छपवा लिया हो। एक ही पेपर का खेल 3 बार सामने सामने आ चुका है। 30 मार्च को कक्षा 4वीं, 6वीं गणित और 7वीं हिंदी के प्रश्न पत्र कई जिलों में एक जैसे मिले थे। इसी तरह 2 अप्रैल को 6वीं संस्कृत व 7वीं अंग्रेजी और 10 अप्रैल को कक्षा 6वीं अंग्रेजी और 7वीं सामाजिक विज्ञान तीसरी बार भी हूबहू निकली। लगातार तीन अलग-अलग परीक्षाओं में एक ही तरह के प्रश्न पत्र मिलना पूरे सिस्टम की पोल खोल रहा है।
<
