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केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में रासायनिक (औद्योगिक) आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 23 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में मॉक ड्रिल होगी। शुरुआत में केवल 10 जिलों रायपुर, कोरबा, भिलाई, रायगढ़, जगदलपुर, दुर्ग, रायपुर ग्रामीण, बिलासपुर, कवर्धा और राजनांदगांव को शामिल किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने शुक्रवार को आदेश जारी कर सभी जिलों को इसमें शामिल कर लिया है। उद्योग विभाग से केमिकल आधारित उद्योगों की सूची भी मांगी गई है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में होगा। एनडीएमए ने 1 मार्च 2026 को इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। मॉक एक्सरसाइज तीन चरणों में हो रही है। 10 अप्रैल को ओरिएंटेशन व समन्वय बैठक हो चुकी है, जिसमें विभिन्न स्तरों के अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। 21 अप्रैल को ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ में संभावित आपदा परिदृश्यों पर चर्चा होगी, जबकि 23 अप्रैल को फील्ड में वास्तविक स्थिति जैसा अभ्यास किया जाएगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य राज्य और जिलों की आपदा प्रबंधन योजनाओं तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की समीक्षा करना है। ड्रिल के दौरान राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेंगे। राहत शिविर, मेडिकल सहायता केंद्र और आपात सेवाएं तैनात होंगी। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने, घायलों के इलाज और बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। इस प्रक्रिया में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस, स्वास्थ्य सहित नगर सेना, उद्योग, लोक निर्माण, ऊर्जा, जल संसाधन, नगरीय निकाय, खाद्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, श्रम और खनिज विभाग मिलकर काम करेंगे। अभ्यास के बाद 20 मई 2026 तक आफ्टर एक्शन रिपोर्ट भेजनी होगी। औद्योगिक दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंता बढ़ाते हैं। पिछले तीन वर्षों (2023-2026) में 296 श्रमिकों की मौत हुई है। वहीं जनवरी 2026 तक के 13 महीनों में 171 हादसों में 124 श्रमिकों की जान गई और 86 घायल हुए। जिलों को अलग-अलग परिदृश्य दिए गए हैं। इनमें सुकमा में एस्सार स्टील पाइपलाइन, बस्तर में एनएमडीसी प्लांट, कांकेर में जयसवाल नेको, सूरजपुर में आईडीएल एक्सप्लोसिव्स, रायपुर में आईओसीएल, एचपीसीएल व केमिकल क्लस्टर, धमतरी व महासमुंद में बॉयलर आधारित चावल मिलें, बलौदाबाजार व बिलासपुर में सीमेंट प्लांट, दुर्ग में भिलाई इस्पात संयंत्र, रायगढ़ में जिंदल स्टील, जांजगीर-चांपा में पेपर मिल, खैरागढ़ में केमिकल-फर्टिलाइजर इकाइयां, बालोद में कॉर्टेक्स इंडस्ट्रीज, बलरामपुर में बायोक्लिक्स एग्रो और दंतेवाड़ा में निसर्ग इस्पात शामिल हैं। इसके अलावा टैंकर दुर्घटना, अस्पताल में आग, खदान हादसा, बस में आग और ट्रेन टक्कर जैसे परिदृश्य भी अभ्यास में शामिल किए गए हैं।
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