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काव्य कुंभ द्वितीय अध्याय के दूसरे और अंतिम दिन साहित्य, शायरी, संगीत और प्रेरक अनुभवों का संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय सुरेंद्र दुबे को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इस अवसर पर उनके नाम पर युवा रचनाकारों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसके बाद शाम 7 बजे से कवि और लेखक आलोक श्रीवास्तव अपनी विशेष प्रस्तुति ‘आलोकनामा: सपनों का सफर’ के माध्यम से जीवन के संघर्ष, साहित्यिक यात्रा और यादगार अनुभवों को साझा करेंगे। करीब एक घंटे की इस प्रस्तुति में वे अपने जीवन के अनसुने किस्से भी सुनाएंगे। ‘संगम’ में सजेगी शायरी और कविता की महफिल रात 8 बजे संगम’ सत्र के तहत भव्य मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। इस सत्र में उर्दू शायरी के दिग्गज वसीम बरेलवी अपनी गजलें और अशआर पेश करेंगे। वहीं, युवा पीढ़ी के लोकप्रिय शायर जुबैर अली ताबिश अपनी शायरी के जरिए श्रोताओं से रूबरू होंगे। कवयित्री मनिका दुबे भी अपनी रचनाओं का पाठ करेंगी। काव्य कुंभ के समापन अवसर पर राजस्थान के प्रसिद्ध लोक गायक मामे खान अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे। अपनी दमदार आवाज और सूफियाना-लोक गायकी के लिए मशहूर मामे खान राजस्थानी फोक गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। “चौधरी”, “केसरिया बालम” और अन्य लोकप्रिय लोक गीतों की प्रस्तुति के साथ वे काव्य कुंभ के दूसरे अध्याय को संगीतमय विदाई देंगे। आयोजकों के अनुसार उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक होगी।
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