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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में ‘ग्राम जोहार अभियान’ के तहत ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में गौरेला विकासखंड की ग्राम पंचायत पूटा के आश्रित ग्राम सांचरखूंटा में एक विशेष जनचौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी दुर्गम रास्तों की परवाह न करते हुए लगभग चार किलोमीटर तक बाइक से ऑफरोडिंग कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचीं। उनकी इस पहल की सराहना की गई। आम पेड़ की छांव में लगी चौपाल आम के पेड़ की छांव में आयोजित इस चौपाल में पंडो जनजाति के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कलेक्टर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब ग्रामीण उनके प्रति जागरूक होंगे। कलेक्टर ने गांव में सड़क निर्माण और प्राथमिक शाला की स्वीकृति दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक स्कूल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक बच्चे छात्रावास में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो। सामाजिक कुरीतियों से दूर रहें :कलेक्टर कलेक्टर ने ग्रामीणों से सामाजिक कुरीतियों और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल और आंगनबाड़ी भेजने तथा बाल विवाह जैसी प्रथाओं को रोकने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने की वन अधिकार पत्र की मांग स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच सुनिश्चित करने और उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड की फोटोकॉपी जारी करने के निर्देश दिए। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पहुंच मार्ग और वन अधिकार पत्र जैसी मांगों को लेकर आवेदन सौंपे, जिस पर कलेक्टर ने तुतंत कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए डबरी और कुआं निर्माण जैसी हितग्राही मूलक योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
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