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बिलासपुर संभाग में कलेक्टरों के आदेशों के खिलाफ आने वाले अपील मामलों की सुनवाई के लिए संभागीय कमिश्नर सुनील जैन ने अधिकारियों के काम में बदलाव किया है। यह फैसला अपर आयुक्त का पद खाली होने के कारण लिया गया है। कमिश्नर की ओर से जारी नए आदेश में पहले के कार्य विभाजन आदेश को रद्द कर नई व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य कार्यालय के काम और अलग-अलग मामलों का जल्दी निराकरण करना है। नई व्यवस्था के तहत आयुक्त सुनील जैन को बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, मुंगेली, सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सक्ती जिलों से जुड़े अपील मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। कई अहम मामलों की भी रहेगी जिम्मेदारी आयुक्त को जिला स्तरीय ओवर साइट कमेटी, राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भूमि अधिग्रहण, खाद्य एवं औषधि अधिनियम और पंचायत राज अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई का जिम्मा भी दिया गया है। प्रशासनिक कामों की भी जिम्मेदारी आदेश के अनुसार इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, सीएसआर, स्वच्छ भारत अभियान, नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी आयुक्त संभालेंगे। इसके अलावा धान खरीदी निरीक्षण, कौशल विकास, नजूल प्रकरण, विभागीय जांच और सामाजिक प्रमाण-पत्र से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई करेंगे। सप्ताह में तीन दिन होगी सुनवाई आयुक्त कार्यालय के अनुसार मामलों की सुनवाई सामान्य तौर पर हर सोमवार, मंगलवार और बुधवार को की जाएगी। रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के मामलों की सुनवाई हर महीने के दूसरे शुक्रवार को कैंप कोर्ट रायगढ़ में होगी। जरूरत पड़ने पर लिया जाएगा अलग फैसला कार्यालय ने कहा है कि विशेष परिस्थितियों में सुनवाई और क्षेत्राधिकार को लेकर अलग से फैसला लिया जा सकता है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।से लागू हो गया है।
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