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राजधानी के नगरीय निकायों में आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और टीकाकरण के लिए इम्पैनल कंपनियां काम नहीं कर रही हैं। नतीजा ऐसी कोई सड़क या गली नहीं है जहां आवारा कुत्तों का झुंड ना दिखे। रायपुर और बिरगांव निगम के अंतर्गत आवारा कुत्तों को नियंत्रण करने के लिए सिद्धि नामक कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी एक कुत्ते को पकड़ने, नसबंदी, रैबीज टीकाकरण और चार दिन तक रखने के एवज में 1639 रुपए वसूल करेगी। रायपुर और बिरगांव नगर निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी स्नेह वेलफेयर एसोसिएशन को सौंपी गई है। भास्कर टीम ने पड़ताल की तो पता चला कि कंपनी ने इम्पैनल होने के बाद बिरगांव नगर निगम में कुछ दिन काम करने के बाद कुत्तों की धर-पकड़ बंद कर दी। कंपनी ने पूरी तरह से बंद कर दिया है। बिरगांव निगम ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी तरफ रायपुर नगर निगम में काम शुरू ही नहीं हुआ है। रायपुर शहर में ही लगभग 50 हजार आवारा कुत्ते होने के अनुमान हैं। रायपुर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी शहर में काम कर रही है। फिलहाल सेटअप तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। सोनडोंगरी में ऑपरेशन थिएटर
कुत्तों को पकड़ने के लिए डॉग कैचर की व्यवस्था
नसबंदी के लिए ऑपरेशन थिएटर तैयार करना
ऑपरेशन के लिए डॉक्टर और स्टाफ नियुक्त करना
रैबीज टीकाकरण और चिकित्सकीय जांच
कुत्तों को 4-5 दिन तक निगरानी में रखना
स्वस्थ होने के बाद सुरक्षित स्थान पर छोड़ना आंखों देखी : हर सड़क-गली पर आवारा कुत्तों का कब्जा
दैनिक भास्कर की टीम ने कुत्ते पकड़ने की मुहिम की बुधवार को पड़ताल की। दोपहर 12 बजे टीम सबसे पहले एकात्म परिसर रोड पहुंची। वहां सड़कों पर आवारा कुत्तों के झुंड घूमते और आपस में लड़ते-गुर्राते दिखे। मौके की तस्वीरें लेकर टीम आगे बढ़ी। करीब 1 बजे टीम रविशंकर वार्ड पहुंची। वहां तेज धूप में सड़कों पर कुत्ते नहीं दिखे। रहवासियों का कहना था कि दिन ढलते ही कुत्ते सड़कों पर निकल आते हैं। पैदल या दोपहिया वाहन से चलना मुश्किल हो जाता है। शाम 5 बजे टीम अंबेडकर चौक और गुरुगोविंद सिंह वार्ड के शहीद भगत सिंह झंडा चौक पहुंची। वहां सड़क के किनारे और चौक के आसपास कई कुत्ते बैठे नजर आए। रहवासियों ने बताया कि गर्मी की वजह से कुत्ते अधिक आक्रामक हो गए हैं।
बिरगांव निगम में स्नेह कंपनी को कुत्ते पकड़ने का काम मिला है। कंपनी शुरुआत में काम किया उसके बाद से बंद कर दिया है। निगम ने नोटिस जारी कर जबाब मांगा है।
युगल किशोर उर्वसा, कमिश्नर बिरगांव नगर निगम
नगरीय प्रशासन विभाग ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और बधियाकरण के लिए टेंडर जारी किया है। लेकिन रायपुर में कंपनी ने अभी तक काम शुरू नही किया है। कंपनी ने तकनीकी समस्या बताकर काम शुरू नही किया है।
आकाश तिवारी, नेता प्रतिपक्ष रायपुर नगर निगम
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दो कंपनियों को इंपैनल मेंट किया गया है पूरे राज्य में कुत्तों के नसबंदी का काम करेगी। पांच वर्ष की अवधि के लिए इंपैनल किया गया है। नगर निगम पालिका के सीएमओ द्वारा कार्य आदेश दिया गया है। पुलक भट्टाचार्य, एडिशनल डॉयरेक्टर नगरीय प्रशासन
सोनडोंगरी में निगम ने सेटअप बनाकर दिया है। कंपनी काम कर रही है। वर्तमान में ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन बिरगांव में नही कर रही है इसलिए पैरलर निगम की टीम भी काम कर रही है।
विनोद पाण्डेय, एडिशनल कमिश्नर रायपुर नगर निगम
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