भास्कर न्यूज | जांजगीर जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से शुरू होगा। 30 अप्रैल तक स्व-गणना की सुविधा रहेगी। इस दौरान लोग मोबाइल या जनगणना निदेशालय की वेबसाइट पर खुद ऑनलाइन जनगणना फार्म भर सकेंगे। यदि कोई इस अवधि में जानकारी नहीं भर पाता है तो परेशानी नहीं होगी। 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी लेंगे और मोबाइल एप से ऑनलाइन जनगणना फार्म भरेंगे। लोग अपने मोबाइल या लैपटॉप से भी परिवार का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया के बाद 16 अंकों की एक यूनिक आईडी मिलेगी, जो परिवार की डिजिटल पहचान होगी। पहले चरण में मकानों की गणना 30 मई तक पूरी होगी। दूसरा और अंतिम चरण अगले साल फरवरी से शुरू होकर 1 मार्च 2027 तक चलेगा। जनगणना प्रक्रिया को लेकर 13 अप्रैल को ब्लॉक मुख्यालयों और नगर पालिकाओं में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रथम चरण का प्रशिक्षण हुआ। ये है स्व-गणना अभियान: नागरिक निर्धारित सरकारी पोर्टल पर लॉगइन कर सुरक्षित तरीके से व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी भर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य डेटा संग्रह में पारदर्शिता लाना और समय बचाना है। सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर लॉगइन करें। राज्य का चयन करें और रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करें। परिवार के मुखिया का नाम और सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें। मोबाइल पर आए ओटीपी को भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इसके बाद जिला, तहसील, गांव या वार्ड और पिनकोड चुनें। मैप पर अपने घर की सही लोकेशन दर्ज करें। पोर्टल पर मकान से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे, जैसे मकान कच्चा है या पक्का, कमरों की संख्या, पीने का पानी, शौचालय, बिजली और रसोई गैस की स्थिति। जानकारी जांचने के बाद सबमिट करें। सबमिट होते ही 16 अंकों की यूनिक आईडी मिलेगी। प्रगणक घर-घर जाकर 33 सवाल पूछेंगे। भले ही स्व-गणना पोर्टल पर जानकारी भरी गई हो, प्रगणक का घर आना अनिवार्य रहेगा। इस दौरान घर की बनावट, कमरों की संख्या, पीने के पानी का स्रोत, शौचालय, इस्तेमाल होने वाला ईंधन और परिवार के सदस्यों की शिक्षा व वैवाहिक स्थिति से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इन्हीं 33 सवालों के आधार पर तय होगा कि जांजगीर और चांपा के किस मोहल्ले में अस्पताल बनेगा या कहां पाइपलाइन की जरूरत है।
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