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कोरबा में रविवार शाम तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने से एक मवेशी की मौत हो गई। इस दौरान कई विद्युत पोल भी धराशायी हो गए, जिससे शहरी और ग्रामीण इलाकों के दर्जनों गांवों में बिजली गुल हो गई। रविवार शाम तक भी कई क्षेत्रों में बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। यह घटना रजगामार पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई। दलबीर सिंह नामक किसान ने अपने मवेशी को चरने के लिए छोड़ा था। शाम करीब पांच बजे तेज आंधी और बारिश शुरू होने पर बैल एक पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बारिश थमने के बाद ग्रामीणों ने बैल को मृत पाया। घटना की सूचना पर रजगामार पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर राजस्व विभाग को सूचित किया। इस घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आंधी-तूफान और बारिश से मची तबाही इससे पहले शनिवार को भी आंधी-तूफान और बारिश ने कोरबा में व्यापक तबाही मचाई थी। आधे घंटे तक चले तूफान से शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर उड़ गए। कई घरों के छप्पर भी क्षतिग्रस्त हुए। तेज हवाओं से बिजली व्यवस्था हुई ठप तेज हवाओं के कारण विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इसका सर्वाधिक असर ग्रामीण अंचल पर पड़ा, जहां रजगामार, कोरकोमा, बताती, पसरखेत, मातमार, कल्दामार सहित आसपास के कई गांवों में विद्युत पोल गिर गए। इससे पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। बिजली बहाली में जुटा विभाग, कई गांव अब भी अंधेरे में ग्रामीणों को रविवार सुबह तक बिजली बहाल होने की उम्मीद थी, लेकिन पूरे दिन भी आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। विद्युत विभाग के कर्मचारी लगातार सुधार कार्य में जुटे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, आंधी-तूफान से काफी नुकसान हुआ है, कई जगह तार टूटे हैं और पोल उखड़ गए हैं, जिससे सुधार कार्य में बाधा आ रही है। इस बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों ने खेतों और बाड़ी में अनाज के साथ-साथ सब्जी की फसल भी लगाई है, जिसे नुकसान पहुंचने की आशंका है।
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