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दुर्ग जिले में पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टा चलाने वाले गिरोह पर कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना उतई और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें सट्टे से जुड़े कई स्क्रीनशॉट और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। एक दिन पहले भी पुलिस ने 2 आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक 30 अप्रैल को सूचना मिली थी कि उतई थाना क्षेत्र के ग्राम सेलूद में कुछ लोग मोबाइल के जरिए आईपीएल मैचों पर पैसे का दांव लगा रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर दबिश दी और चारों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि ये लोग मोबाइल के जरिए लोगों से पैसे लगवाकर हार-जीत का खेल चला रहे थे। सेलूद के रहने वाले हैं सभी आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों के नाम रजनीकांत साहू (29 वर्ष), तामसेम साहू (30 वर्ष), यमन साहू (20 वर्ष) और जिज्ञासु बंछोर (24 वर्ष) हैं। सभी आरोपी ग्राम सेलूद के अलग-अलग मोहल्लों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 4 एंड्रॉइड मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 37 हजार रुपए बताई जा रही है। स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल मेटा
मोबाइल की जांच में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े कई स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल डेटा मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित कर लिया है। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अवैध तरीके से पैसा कमाने के लिए लंबे समय से यह काम कर रहे थे। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एक दिन पहले भी दो आरोपी हुए थे गिरफ्तार
एक दिन पहले भी उतई थाना क्षेत्र में पुलिस ने ग्राम ढोर में राजस्थान और पंजाब के बीच चल रहे मैच पर मोबाइल के जरिए सट्टा खिलाने के मामले में 2 आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी मोबाइल के जरिए लोगों से संपर्क कर हार-जीत पर पैसे लगवा रहे थे। पूछताछ में उन्होंने ऑनलाइन ग्रुप बनाकर सट्टा संचालन करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और नगदी जब्त की है। कुल जब्ती 64,600 रुपए बताई गई है। मामले में जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज कर दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सट्टा नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है।
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