बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।कलेक्टर ने भारी वाहनों के नो एंट्री नियमों में किया बदल …और पढ़ें

HighLights
- सप्लाई चेन को प्रशासन की ‘हरी झंडी’ मिली ।
- सुरक्षा के साथ रफ्तार पर पहरा, सप्लाई पर जोर।
- 31 मई तक भारी ईंधन वाहनों पर नो-एंट्री खत्म।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की किल्लत को लेकर चल रही अफवाह के बीच बढी मांग को नियंत्रण करने व लोगो को राहत देने प्रशासन ने नये निर्देश जारी किए है। टैंकर्स और सिलेंडर गाड़ियों की नो-एंट्री के पुराने समय को पूरी तरह बदल दिया है। नये आदेश के अनुसार पेट्रोल, गैस व डीजल लाने वाले वाहनों को शहर के भीतर चौबीसों घंटे आने-जाने की छूट दी ही है।
जिले में पेट्रोल व डीजल की किल्लत को चल रही अफवाह के बीच गाड़ियों के ईंधन की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में पेट्रोल पंप खाली न हों, इसे देखते हुए प्रशासन ने सप्लाई चेन को पूरी तरह से हरी झंडी दे दी है। पूर्व में लागू व्यवस्था सुबह नौ से 11 बजे तक और शाम पांच से रात आठ बजे के व्यस्त समय में हाई कोर्ट मार्ग सहित पूरे शहर के भीतर भारी गाड़ियों के चलने पर सख्त नो-एंट्री लागू थी।
सड़कों पर ईंधन की गाड़ियां रुकने से सप्लाई प्रभावित हो रही थी, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने पुराने नियमों में आंशिक परिवर्तन कर दिया है। प्रशासन ने नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू किया है, जो आगामी 31 मई तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, चौबीसों घंटे की छूट के साथ ही शहर के व्यस्त ट्रैफिक और पैदल चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तेल कंपनियों, उनके सेल्स अधिकारियों और डीलर संघ के लिए कुछ कड़े नियम भी तय किए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
रफ्तार पर पहरा, ओवरटेक करने पर रोक
प्रशासन ने ईंधन वाहनों को चौबीसों घंटे आने-जाने की छूट देने के साथ ही सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा है। नए नियमों के मुताबिक, बिलासपुर नगर निगम सीमा के भीतर भारी गैस और तेल टैंकरों की अधिकतम रफ्तार 20 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा नहीं होगी। इसके साथ ही, व्यस्त रास्तों पर किसी भी गाड़ी को ओवरटेक करने की पूरी तरह मनाही रहेगी।
बेवजह हार्न बजाने पर पाबंदी और सुरक्षा के निर्देश
ध्वनि प्रदूषण रोकने और रिहायशी इलाकों में रहने वाले नागरिकों की शांति भंग न हो, इसके लिए शहर के भीतर चालकों को हॉर्न का बहुत सीमित उपयोग करने को कहा गया है । यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को भारी वाहनों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। तेल कंपनियों को हिदायत है कि वे व्यस्त समय में आम जनता की सुरक्षा का खास ख्याल रखें।
घरेलू गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल जैसी जरूरी चीजों की लगातार और समय पर सप्लाई बनी रहे, इसलिए भारी वाहनों की नो-एंट्री के पुराने समय में बदलाव किया गया है । इन गाड़ियों को 31 मई तक शहर में 24 घंटे चलने की छूट रहेगी, लेकिन उन्हें नगर निगम सीमा के भीतर 20 किलोमीटर की स्पीड लिमिट और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने निर्देश दिए गए हैं। संजय अग्रवाल, कलेक्टर
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