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दुर्ग जिले में डायल 112 पुलिस वाहन पर तलवार से हमला करने के मामले में भिलाई के युवक को दोषी ठहराया गया है। सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की कोर्ट ने उसे हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालने, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने
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यह मामला 20 जून 2023 की शाम का है। थाना वैशाली नगर क्षेत्र अंतर्गत रामनगर मुस्लिम कब्रिस्तान के पास डायल 112 की पेट्रोलिंग चल रही थी।
इसी दौरान एक युवक खुलेआम तलवार लहराते हुए गाली-गलौज कर रहा था। मौके पर पहुंचे डायल 112 वाहन चालक अमन कुमार साहू और आरक्षक विजय नाग ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी और उग्र हो गया।
आरोपी ने तलवार से पुलिस वाहन पर किया वार
आरोपी ने तलवार से डायल 112 वाहन पर कई वार किए, जिससे वाहन के आगे और पीछे के कांच टूट गए। टूटे कांच के टुकड़े चालक अमन साहू के चेहरे और आंख के पास लगे, जिससे वह घायल हो गया। आरोपी ने चलते वाहन के पीछे दौड़ते हुए भी तलवार से हमला किया।
नशे की हालत में दोषी ने वारदात को दिया अंजाम
दोषी करार दिए गए आरोपी की पहचान थानू यादव उर्फ अक्कू (लगभग 21 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मुस्लिम कब्रिस्तान के पास, लक्ष्मी किराना स्टोर्स के पास, केम्प-1, भिलाई, थाना छावनी, जिला दुर्ग का निवासी है। बताया गया कि वारदात के वक्त आरोपी नशे की हालत में था।
कोर्ट में डायल 112 चालक अमन कुमार साहू और आरक्षक विजय नाग के बयानों के साथ मेडिकल सबूत भी प्रस्तुत किए गए। शासकीय अस्पताल सुपेला की डॉक्टर श्रेया द्विवेदी ने चोटों की पुष्टि की, हालांकि उन्हें साधारण प्रकृति का बताया। तलवार की अवैध बरामदगी और सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाने के तथ्य भी कोर्ट में प्रमाणित हुए।
लोक अभियोजक के तर्क
राज्य की ओर से प्रकरण की पैरवी लोक अभियोजक एम.के. दिल्लीवार ने की। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी का कृत्य अत्यंत गंभीर है, जिसमें शासकीय कर्मचारी की जान को खतरे में डाला गया और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। ऐसे अपराध में नरमी समाज के लिए गलत संदेश होगा।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सजा सुनाते हुए कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कम दंड देने से न्याय व्यवस्था पर आमजन का विश्वास कमजोर होता है। अपराध की प्रकृति और उसके प्रभाव को देखते हुए कठोर दंड आवश्यक है।
अदालत ने सुनाई सजा
न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए कुल मिलाकर 7 वर्ष का सश्रम कारावास, अलग-अलग धाराओं में अतिरिक्त सजा और अर्थदंड से दंडित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। आरोपी जमानत पर था, जिसे निरस्त कर उसे केन्द्रीय कारागार दुर्ग भेजने के आदेश दिए ।
अदालत ने आरोपी की जमानत निरस्त करते हुए उसे केन्द्रीय जेल दुर्ग भेजने के आदेश दिए।
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