कोरबा के हरदीबाजार में एसईसीएल दीपका प्रबंधन के ड्रोन सर्वे के खिलाफ सराईसिंगार, हरदीबाजार और रेंकी के सरपंचों व ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। सोमवार, 1 दिसंबर को दोपहर करीब 12 बजे प्रबंधन द्वारा इन गांवों में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहम
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ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए हरदीबाजार थाना परिसर में धरना दिया। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए और सर्वे को मनमाना बताया।

ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपी लिखित शिकायत
नरेश टंडन ने बताया कि यह सर्वे ग्राम सभा की अनुमति और ग्रामवासियों की सहमति के बिना गुपचुप तरीके से किया जा रहा है, जो अवैध और असंवैधानिक है।
ग्रामीणों ने इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पाली को एक लिखित शिकायत भी सौंपी है। इसमें उन्होंने अपनी मुख्य आपत्तियां और मांगें उठाई हैं।

बिना सहमति सर्वे को ग्रामीणों ने अधिकारों का हनन बताया
शिकायत में कहा गया है कि एसईसीएल ने ग्राम सभा या ग्रामवासियों की सहमति प्राप्त किए बिना ही सर्वे शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने इसे अधिकारों का हनन बताया, क्योंकि यह कार्रवाई भूमि-अधिग्रहण, मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के निराकरण से पहले की जा रही है।

ग्रामीणों ने एसईसीएल से सर्वे को लेकर स्पष्टीकरण मांगा
ग्रामीणों ने प्रबंधन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यह सर्वे किस आधार और किस कानून के तहत कराया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि एसईसीएल जैसी अनुषंगी कंपनी को थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान से सर्वे कराने की क्या आवश्यकता पड़ी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना किए जा रहे ड्रोन सर्वे पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और भविष्य में किसी भी प्रकार के सर्वे के लिए ग्राम सभा की अनुमति और ग्रामवासियों की सहमति को अनिवार्य किया जाए।
उन्होंने एसईसीएल को ग्रामीणों की निजी भूमि और परिसंपत्तियों से छेड़छाड़ करने से रोकने की भी मांग की।
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