छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बाघ की मौजूदगी से हड़कंप मच गया है। केरेगांव रेंज क्षेत्र में बाघ के फुटप्रिंट मिले हैं, जिसके बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग की ओर से गांव-गांव में मुनादी कराई जा रही है और लोगों को ज
.
दरअसल, ग्रामीणों ने बाघ के पदचिन्ह देखने के बाद वन विभाग को सूचना दी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पदचिन्हों की जांच की। विभाग इन पदचिन्हों को मापकर बाघ की पहचान और उसके रिहायशी इलाकों में प्रवेश को रोकने की तैयारी में है।
वन विभाग की टीम केरेगांव और धमतरी रेंज सहित गंगरेल बांध क्षेत्र में भी मुनादी कर रही है। गंगरेल इलाके में पानी की तलाश में बाघ के आने की आशंका जताई जा रही है। विभाग ने लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में अलर्ट जारी किया है।

बाघ की निगरानी कर रहा विभाग
वनमंडलाधिकारी कृष्ण जाधव ने बताया कि धमतरी जिले में बाघ की मौजूदगी की सूचना पिछले करीब 6 दिनों से है। विभाग लगातार बाघ की निगरानी कर रहा है और पदचिन्हों के आधार पर उसका पीछा भी किया जा रहा है।
उन्होंने पुष्टि की कि यह वही बाघ है, जो पहले उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व में देखा गया था। फिर गरियाबंद जिले से होते हुए अब धमतरी में प्रवेश कर गया है। विभाग बाघ की संभावित अगली दिशा का भी विश्लेषण कर रहा है।
<
