सुकमा जिले के गोलापल्ली इलाके में हुई मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सलियों के PLGA बटालियन नंबर 1 के कमांडर देवा की तलाश में निकले DRG जवानों की किस्टाराम एरिया कमेटी से मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में जवानों ने 2 ACM कैडर समेत 3 नक्सलियों
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एक महिला समेत तीनों नक्सलियों के शव और हथियार लेकर जवान लौटे हैं। ये सभी नक्सली 12 लाख रुपए के इनामी थे। मुठभेड़ गोलापल्ली थाना क्षेत्र के गोंदीगुड़ा के जंगल-पहाड़ी इलाके में हुई है।


सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं।

नक्सलियों के पास से हथियार-विस्फोटक भी बरामद किया गया है।

इस साल कुल 255 नक्सली मारे गए
सुकमा के SP किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने गोंदीगुड़ा के जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। 18 दिसंबर 2025 की सुबह सर्चिंग के दौरान DRG और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग हुई।
मुठभेड़ के बाद जब सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली तो एक महिला और दो पुरुष माओवादियों के शव बरामद किए गए। मौके से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सल सामान भी जब्त किया गया। बस्तर के IG सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर रेंज में इस साल कुल 255 नक्सली मारे जा चुके हैं।
तीनों माओवादी कोंटा-किस्टाराम एरिया में एक्टिव थे और कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे थे।
हथियार और विस्फोटक बरामद
मुठभेड़ स्थल से 9 एमएम सर्विस पिस्टल, 12 बोर भरमार बंदूक, बीजीएल सेल, टिफिन बम सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
IG बोले- माओवाद अंतिम दौर में
बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पी ने कहा कि, साल 2025 में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में अब तक केंद्रीय समिति, डीकेएसजेडसी और पीएलजीए कैडर समेत कुल 255 नक्सली मारे जा चुके हैं।
आईजी ने कहा कि “बस्तर में माओवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। संगठन की संरचना टूट चुकी है। सक्रिय माओवादियों से अपील है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।”

3 दिसंबर को 12 नक्सली मारे गए थे, 3 जवान भी शहीद हुए थे।
3 दिसंबर को मुठभेड़ में मारे गए थे 12 नक्सली
इससे पहले 3 दिसंबर को दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जवानों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) वेल्ला मोडियम भी मारा गया था। वहीं, इस एनकाउंटर में DRG के 3 जवान शहीद और 2 घायल हुए थे।
16 नवंबर- 3 नक्सली मारे गए थे
16 नवंबर 2025 को भेज्जी-चिंतागुफा के सीमावर्ती क्षेत्र में जवानों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया था। इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद DRG की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान तुमालपाड़ के जंगल में नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग के बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला। नक्सलियों की गोलियों का जवाब दिया। सुबह से दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हुई। इसमें तीन नक्सली मारे गए थे। जवानों ने सर्चिंग के दौरान जंगल से तीनों नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे।


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दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए थे।
छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जवानों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया है। इनमें डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) वेल्ला मोडियम शामिल है। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। इस एनकाउंटर में DRG के 3 जवान शहीद और 2 घायल हो गए हैं। बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी. ने पुष्टि की है। पढ़ें पूरी खबर…
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