Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » The women said that the Women’s Commission threatened them. | युवतियां बोलीं-महिला आयोग ने हमें डराया-धमकाया: कहा-हमसे पूछा मस्जिद क्यों नहीं जाती, दुर्ग रेलवे स्टेशन धर्मांतरण केस में थी सुनवाई, राज्यपाल को पत्र लिखकर शिकायत – Raipur News
Breaking News

The women said that the Women’s Commission threatened them. | युवतियां बोलीं-महिला आयोग ने हमें डराया-धमकाया: कहा-हमसे पूछा मस्जिद क्यों नहीं जाती, दुर्ग रेलवे स्टेशन धर्मांतरण केस में थी सुनवाई, राज्यपाल को पत्र लिखकर शिकायत – Raipur News

By adminOctober 8, 2025No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
image 48 1759933716
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


दुर्ग रेलवे स्टेशन पर कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न के मामले में आदिवासी युवतियों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। युवतियों ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की तीन सदस्य दीपिका शोरी, लक्ष्मी वर्मा और सरला कोसरीया के खिलाफ शिकायत की है। उनक

.

उनका आरोप है कि सुनवाई के दौरान उनसे धार्मिक सवाल पूछे गए। युवतियों ने बताया कि, हमसे पूछा गया कि क्या आप ईसाई धर्म मानती हो और मंदिर जाती हो? जब हमने हां कहा, तो कहा गया कि मस्जिद क्यों नहीं जाती। यह भी आरोप है कि उन्हें बार-बार झूठा साबित करने की कोशिश की गई और धमकी दी गई कि दूसरे कमरे में जाकर पूछूंगी तो सब सच बोल दोगे।

पक्षपात व्यवहार का लगाया आरोप

युवतियों ने पत्र में लिखा कि आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक न्याय दिलाने के लिए सक्रिय हैं, लेकिन अन्य सदस्य अभियुक्तों का पक्ष लेते हुए निष्क्रिय और पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रही हैं। शिकायत पत्र में लिखा है, अध्यक्ष ने हमारी बातें गंभीरता से सुनी, जबकि दीपिका शोरी, लक्ष्मी वर्मा और सरला कोसरीया हमारे बयान बदलने और सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश कर रही थीं।

उन्होंने बताया कि पहले शिकायत अनुसूचित जनजाति थाना नारायणपुर में दी गई थी, लेकिन न FIR दर्ज हुई और न पावती मिली। पुलिस अधीक्षक को आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए उनका अंतिम भरोसा राज्य महिला आयोग पर था।

आयोग की तीनों सदस्यों को पद से हटाने की मांग

युवतियों ने राज्यपाल से मांग की है कि आयोग की सुनवाई निष्पक्ष हो और महिला आयोग की तीनों सदस्यों को पद से हटाया जाए। अगर निष्पक्षता नहीं होती, तो अभियुक्तों का पक्ष लेने वाली सदस्यों की तत्काल जांच की जाए। मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने कहा कि, मामला हमारे संज्ञान में है। मेरे सामने ही पीड़िताओं ने यह बातें कही। पद की गरिमा को देखते हुए सीधे कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।

कार्रवाई नहीं हुई तो मामला, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेज देंगे

अध्यक्ष किरणमयी नायक ने डीजीपी को पत्र लिखकर मामले की जांच और कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 15 दिन में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेज दिया जाएगा। वहीं सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि मामला न्यायालय में है, ऐसे में इसे आयोग में लाने का कोई औचित्य नहीं।

image 47 1759932121

ये है पूरा मामला

दरअसल, 25 जुलाई को मिशनरी सिस्टर्स और एक युवक 3 लड़कियों के साथ रेलवे स्टेशन पर घूम रहे थे। इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक लड़की को रोते हुए देखा। इस दौरान उसके साथ आया युवक लड़की से कह रहा था कि तुम इतनी दूर आ गई हो, इसलिए तुम्हें जाना होगा।

इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता युवक की बातचीत सुन रहे थे। ऐसे में उन्हें मिशनरी सिस्टर और युवक पर शक हुआ। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तीनों से पूछताछ की। पता चला कि मिशनरी सिस्टर और युवक तीनों लड़कियों को आगरा ले जा रहे थे।

मिशनरी सिस्टर और युवक के बीच बातचीत पर शक होने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन पर हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे के बीच तीनों लड़कियों, 2 ननों और उनके साथ एक युवक को जीआरपी ने पकड़ लिया और थाने ले आई।

दुर्ग रेलवे स्टेशन से लेकर GRP थाने तक जमकर हंगामा

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगाकर दुर्ग रेलवे स्टेशन के GRP चौकी में नारेबाजी कर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान बजरंग दल के दुर्ग जिला संयोजक रवि निगम और बजरंग दल की प्रदेश संयोजिका ज्योति शर्मा को सूचना दी।

इस दौरान बजरंग दल की प्रदेश संयोजिका ज्योति शर्मा भी कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंची। ज्योति शर्मा ने मिशनरी सिस्टर (नन) पर युवतियों को नौकरी का झांसा देकर ले जाकर बेचने और धर्मांतरण का आरोप लगाया।

साथ ही कहा कि यह मामला सिर्फ नौकरी दिलाने का नहीं, बल्कि मानव तस्करी और धर्मांतरण से जुड़ा है। इसके बाद दोनों ननों प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस के खिलाफ FIR हुई। उन्हें गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन, संसद में उठा मामला

छत्तीसगढ़ के कई जिलों दुर्ग, रायपुर, रायगढ़, कोरबा और जगदलपुर में ईसाई संगठनों ने प्रदर्शन किया था। यह मामला संसद में उठा था। केरल के सांसद डेरेक ओ ब्रायन और बिनॉय विश्वम ने राज्यसभा में इस घटना को “ईसाई समुदाय पर हमला” बताया था। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष और धार्मिक असहिष्णुता से प्रेरित गिरफ्तारी कहा था।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

छत्तीसगढ़ में मानसून पर ब्रेक, एंट्री से पहले थमी रफ्तार:5 दिन तेज बारिश के आसार, कई जिलों में 50 किमी की रफ्तार से चल सकती है हवा

June 16, 2026

रायगढ़ में मालगाड़ी की चपेट में आकर हाथी घायल:शरीर के पिछले हिस्से में आई गंभीर चोटें, इलाज में जुटा वन अमला

June 16, 2026

बिजली का झटका:टैरिफ 6.23% बढ़ा; घरेलू 50 पैसे, कमर्शियल बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी

June 16, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

074303
Views Today : 626
Views Last 7 days : 5157
Views Last 30 days : 9483
Total views : 101683
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.