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बिजली विभाग में एडवांस टेंडर को लेकर ठेकेदार पिछले 8 महीनों से टेंडर नहीं डाल रहे हैं। बुधवार शाम बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री, एई और ठेकेदारों के बीच हुई बैठक में ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि जब तक लगभग 5 करोड़ रुपये के पुराने बिल पास नहीं किए जाते, तब तक वे टेंडर नहीं डालेंगे।
बिजली विभाग में टूट-फूट के कार्यों के लिए एडवांस टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस वर्ष बिजली विभाग में कार्य करने वाले ठेकेदार पिछले 8 महीनों से टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहे हैं, जिसके कारण विभाग के कई कार्य प्रभावित हो गए हैं। बुधवार शाम 5 बजे बिजली विभाग ग्रामीण के कार्यपालन यंत्री अनुपम सरकार ने ठेकेदारों की बैठक बुलाई, जिसमें 13 ठेकेदार शामिल हुए। इसमें जब ठेकेदारों से एडवांस टेंडर में भाग लेने कहा गया, तो उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक पिछले 3 वर्षों के बकाया लगभग 5 करोड़ रुपये के बिल पास नहीं किए जाएंगे, तब तक वे टेंडर नहीं डालेंगे।
बताया जाता है कि कार्यपालन यंत्री अनुपम सरकार ने ठेकेदारों से कहा कि जिनके बिल अटके हुए हैं, वे इसकी जानकारी एक साथ उपलब्ध कराएं, ताकि बिल जारी करने को लेकर चर्चा की जा सके। हालांकि एडवांस टेंडर के मामले में अभी भी ठेकेदारों और बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। ^एडवांस टेंडर के लिए बैठक बुलाई गई थी। सभी ठेकेदारों को बिल की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। बिल जमा होने के बाद आगे की चर्चा की जाएगी। -अनुपम सरकार, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण बिजली विभाग
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