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राजधानी के अमलीडीह इलाके में झाड़ियों के पीछे मिले 16 साल की नाबालिग के कातिलों को पुलिस ने 32 दिनों बाद पकड़ लिया है। हालांकि नाबालिग की गला दबाकर हत्या करने वाला मुख्य आरोपी रोहित कुमार अब भी फरार है।
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इस हत्याकांड में रायपुर और दुर्ग की पुलिसिंग, पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। 19 नवंबर की रात तेलीबांधा निवासी रोहित कुमार ने नाबालिग की गला दबाकर हत्या की। इसके बाद वह अपने साथी और नाबालिग के कथित प्रेमी हरीश पटेल के साथ शव को मोपेड में रखकर भिलाई पावर हाउस से रवाना हुआ।
आरोपी खुलेआम शव लेकर खुर्सीपार, भिलाई, कुम्हारी और टाटीबंध होते हुए करीब 35 किलोमीटर का सफर तय कर अमलीडीह पहुंचे। वहां एक खाली प्लॉट में शव को झाड़ियों के पीछे फेंककर लौट गए। इस दौरान आरोपी पुलिस के सामने से और कुम्हारी टोल प्लाजा से होकर गुजरे। रास्ते में पुलिस की गाड़ियां भी सामने से निकलीं, लेकिन किसी ने उन्हें न रोका, न टोका। भिलाई से अमलीडीह के बीच कुल 9 पुलिस थाना पड़ते हैं।
भिलाई में हत्या की, फिर इन थानों से गुजरकर अमलीडीह पहुंचे दोनों आरोपी
भिलाई पावर हाउस क्षेत्र में छावनी थाना है, जहां चौक पर हमेशा पुलिस मौजूद रहती है। इसके आगे खुर्सीपार थाना, भिलाई-3 थाना और कुम्हारी थाना पड़ता है। ये सभी हाइवे पर मौजूद थाना हैं। कुम्हारी टोल प्लाजा में थाना, ट्रैफिक पुलिस और हाइवे पेट्रोलिंग की गाड़ियां हमेशा तैनात रहती हैं। रायपुर में आमानाका, डीडी नगर, पुरानी बस्ती, टिकरापारा और राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र पड़ते हैं। आरोपी राजेंद्र नगर थाना के सामने से भी होकर निकले। इन थानों के अलावा ट्रैफिक पुलिस के अपने थाने भी हैं। सभी थानों में रोज रात हाइवे और मुख्य चौक-चौराहों पर ड्यूटी लगती है। यहां तक कि डायल-112 की गाड़ियां भी तैनात रहती हैं।
आशंका… कमाई के लिए मानव तस्करी
पुलिस को हरीश और रोहित पर मानव तस्करी में संलिप्त होने का भी संदेह है। आरोपी तेलीबांधा के सुभाष नगर इलाके में रहते हैं, जहां से हर माह नाबालिगों के गायब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आशंका है कि नाबालिगों को उत्तर प्रदेश और बिहार में बेच दिया जाता है, जहां उनसे ऑर्केस्ट्रा में डांस कराया जाता है और मोटी कमाई की जाती है। पुलिस ने हरीश को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है, जहां उसकी बहन रहती है। उसकी बहन एक ऑर्केस्ट्रा कंपनी में काम करती है।
मामला… 20 नवंबर को मिला था शव
तेलीबांधा थाना क्षेत्र की 16 साल की नाबालिग का शव 20 नवंबर को रायपुर के अमलीडीह इलाके में मिला। दो दिन पहले ही हत्या के आरोपी पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि नाबालिग कैटरिंग में काम करने का बहाना कर घर से निकली थी। वह भिलाई पहुंची, जहां होटल में रोहित और हरीश ने दो कमरे लिए थे। वहां रोहित ने नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर आक्रोश में आकर रोहित ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद रोहित और हरीश मोपेड में शव रखकर भिलाई से रायपुर पहुंचे और अमलीडीह इलाके में फेंक दिया।
रात में रोकने-टोकने का आदेश
डीजीपी अरुणदेव गौतम दो बार रायपुर पुलिस की बैठक ले चुके हैं। उन्होंने लगातार बेसिक पुलिसिंग पर जोर दिया है। डीजीपी ने रात्रि गश्त के दौरान आधी रात घूमने वालों को रोकने-टोकने, शहर की सीमाओं पर रात में जांच करने और हथियारों से लैस जवानों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। हालांकि इन निर्देशों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। शहर में प्रभावी गश्त नहीं हो रही है।
पेट्रोलिंग पूरी तरह फेल : राजधानी होने के बावजूद रायपुर में रात्रि गश्त को लेकर अधिकारी से लेकर टीआई तक गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ ही अधिकारी गश्त को लेकर सजग हैं, जबकि अधिकांश केवल खानापूर्ति करते हैं। कई अधिकारी तो गश्त में निकलते ही नहीं हैं। जो निकलते भी हैं, उनकी गाड़ियां केवल घूमती नजर आती हैं। आरोप है कि कुछ अधिकारी होटल या दफ्तर में सोते रहते हैं।
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