.
10वीं और 12वीं में क्लास बंक करने वाले छात्र इस बार सीधे बोर्ड परीक्षा से बाहर होंगे। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सख्त निर्देश जारी करते हुए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों से अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की पूरी सूची तुरंत उपलब्ध कराने को कहा है।
जिले में 10वीं–12वीं के 37,194 विद्यार्थी पंजीकृत हैं और परीक्षाएं 20 व 22 फरवरी से शुरू होंगी। माशिमं ने साफ कहा है कि 75 फीसदी से कम उपस्थिति पर किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों को पात्र व अपात्र छात्रों की सूची ईमेल से भेजनी होगी, जिसे प्राचार्य द्वारा प्रमाणित करना अनिवार्य है। यदि कोई संस्था अपात्र सूची छिपाती है और ऐसे छात्रों के प्रवेश पत्र जारी हो जाते हैं या वे परीक्षा में शामिल हो जाते हैं, तो पूरी जिम्मेदारी प्राचार्य की मानी जाएगी। माशिमं के सचिव ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी पत्र जारी किया है।
डीईओ विजय टांडे ने बताया कि सभी प्राचार्यों से तुरंत जानकारी मांगी गई है। जिले के कई स्कूलों में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 फीसदी से कम पाई जा रही है। स्कूलों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा करीब होने के बाद भी कई छात्र नियमित कक्षाओं में नहीं आ रहे। छात्रों से बात करने पर सामने आया कि कोचिंग और स्कूल टाइमिंग एक होना इसकी बड़ी वजह है। कुछ स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाएं नियमित नहीं लगने से भी उपस्थिति गिरी है। इसके अलावा कुछ स्कूल अभी भी मैनुअल अटेंडेंस पर निर्भर हैं, जिससे अनुपस्थिति मॉनिटरिंग मुश्किल हो जाती है। प्रशासन के निर्देश के बाद अब स्कूल जल्द से जल्द उपस्थिति रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं ताकि अपात्र छात्रों की संख्या सामने आ सके।
<
