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कलेक्टर रोहित व्यास ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से अवैध धान के परिवहन पर रोक लगाने और धान उठाव में लापरवाही बरतने वाले राइस मिलर्स पर शिकंजा कसने की रणनीति तैयार की गई। कलेक्टर ने सीमावर्ती क्षेत्रों और चेक पोस्टों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उड़नदस्ता टीम अब रात्रि पाली में भी आकस्मिक निरीक्षण करेगी। यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से धान का परिवहन करते या खपाते पाया जाता है, तो उस पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कुछ विशिष्ट केंद्रों में शिकायतों और तकनीकी निगरानी के आधार पर कोनपारा, कोतबा, बागबहार, चोंगरीबहार, फरसाबहार और तपकरा के धान खरीदी केंद्रों का भौतिक सत्यापन करने का आदेश दिया है। तहसीलदार, पटवारी और फूड इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम इन केंद्रों की जांच करेगी।
भूमिहीन मजदूरों के लिए विशेष शिविर बैठक में ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता दी जाती है।किसानों का केवाईसी अपडेट करने के लिए बैंक, राजस्व विभाग, फूड इंस्पेक्टर और पटवारी की संयुक्त टीम गांव-गांव में शिविर लगाएगी।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी पात्र भूमिहीन मजदूर का नाम इस लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
छोटे किसानों को भी प्राथमिकता दें व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी केंद्रों पर छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए। यदि किसानों को धान बेचने में कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। रकबा सत्यापन के कार्यों को भी समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस समीक्षा बैठक में सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।
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