सीबीआई की सक्रियता बढ़ी: साय सरकार के 34 महीनों में सात प्रमुख मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसी को

छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार द्वारा सामान्य सहमति बहाल किए जाने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की सक्रियता बढ़ी है। पिछले ढाई वर्षों में सीजीपीएससी भर्ती घोटाला, महादेव सट्टा, बीएसपी स्क्रैप चोरी और बीरनपुर हिंसा सहित सात प्रमुख मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।
इससे राज्य में बड़े भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों की निष्पक्ष जांच होगी।
पूर्ववर्ती बघेल सरकार ने सीबीआई से सामान्य सहमति वापस ली थी, जिसके कारण केंद्रीय एजेंसी राज्य में सक्रिय नहीं हो पा रही थी। साय सरकार ने सत्ता में आने के बाद सामान्य सहमति बहाल कर दी, जिससे सीबीआई को जांच के लिए हरी झंडी मिल गई।
साय सरकार के 34 महीनों के कार्यकाल में अब तक सात मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी जा चुकी है। इनमें सीजीपीएससी भर्ती घोटाला, महादेव सट्टा, बीएसपी स्क्रैप चोरी और बीरनपुर हिंसा प्रमुख हैं।
सीजीपीएससी भर्ती घोटाला राज्य में बड़े स्तर पर हुई भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा मामला है, जिसकी जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही है। महादेव सट्टा मामला देशभर में चर्चित रहा है और इसकी जांच भी सीबीआई के पास है।
बीएसपी स्क्रैप चोरी का मामला भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़ा है, जिसमें स्क्रैप की चोरी की जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही है। बीरनपुर हिंसा की घटना की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई है।
इन सभी मामलों की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है, जिससे राज्य में बड़े भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होगी। सामान्य सहमति बहाल होने के बाद केंद्रीय एजेंसी को राज्य में जांच के लिए पूर्ण अधिकार मिल गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि इससे भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय होगी और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सीबीआई की बढ़ती सक्रियता से राज्य में जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी।




