Uncategorized

आईपीएस रतन लाल डांगी मामले में हाई कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय से मांगा जवाब

आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी के खिलाफ महिला की शिकायत से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय से जवाब मांगा है। बिलासपुर निवासी महिला ने याचिका में पहले की जांच प्रक्रिया और जांच अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे को सौंपी गई थी।

महिला का तर्क है कि जांच अधिकारियों की वरिष्ठता और आरोपी अधिकारी के साथ विभागीय पदक्रम को देखते हुए निष्पक्ष जांच को लेकर आशंका थी।

सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग की ओर से बताया गया कि प्रारंभिक जांच में लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। इसके बाद विभाग ने आगे की विभागीय जांच के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से गृह विभाग को भेजे प्रस्ताव में आईपीएस दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी और आईपीएस प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की बात कही गई है। सितंबर में इस संबंध में गृह विभाग को प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।

हाई कोर्ट ने गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय को अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई आगामी तिथि पर होगी।

इससे पहले अगस्त में भी हाई कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button