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Raipur Blue Water Mine Drowning


रायपुर के ब्लू वाटर खदान में एक युवक के डूबने का लाइव वीडियो सामने आया है। मौदहापारा का रहने वाला आदिल खान (24) अपने तीन दोस्तों के साथ बुधवार को यहां घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी।

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आदिल और एक दोस्त दोनों पानी में कूद गए। दोस्त तो बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी में चला गया और डूब गया। उसका अब तक कोई पता नहीं चल सका है। कल से रेस्क्यू जारी है।

सामने आए वीडियो में आदिल डूबता नजर आया। बता दें कि ये ब्लू वाटर खदान माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव के पास स्थित है, यहां पिछले 9 साल में 9 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है।

पहले देखें तस्वीरें…

शर्त लगने के बाद दोनों दोस्त खदान में कूद गए और तैरने लगे।

शर्त लगने के बाद दोनों दोस्त खदान में कूद गए और तैरने लगे।

कुछ समय बाद आदिल खान डूब गया, जबकि एक दोस्त ने तैरकर अपनी जान बचा ली।

कुछ समय बाद आदिल खान डूब गया, जबकि एक दोस्त ने तैरकर अपनी जान बचा ली।

आदिल खान।

आदिल खान।

पानी की गहराई ज्यादा, अब तक नहीं मिला शव

आदिल को डूबता देख दोस्तों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही माना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की टीम से संपर्क किया। हालांकि, अंधेरा होने और खदान में पानी की अधिक गहराई के कारण रात में सर्च अभियान शुरू नहीं किया जा सका था।

गुरुवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने युवक की तलाश शुरू की। पानी की गहराई ज्यादा होने के कारण टीम अब तक शव की तलाश नहीं कर पाई है।

देर रात घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी।

देर रात घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी।

ब्लू वाटर खदान में 9 साल में 9 मौतें

ब्लू वाटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। उपलब्ध घटनाओं के मुताबिक 2017 से अब तक यहां 9 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। आदिल का शव बरामद होने पर 2017 से अब तक ब्लू वाटर में डूबने से मौतों का आंकड़ा 10 हो जाएगा।

31 अक्टूबर 2025 को टाटीबंध के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के 9 बच्चे स्कूल बंक कर यहां पहुंचे थे। नहाने के दौरान जयेश साहू और मृदुल गहरे पानी में डूब गए थे। दोनों के शव अलग-अलग दिनों में मिले थे।

इससे पहले 2017 में 17 वर्षीय सुनैना, मई 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ, मार्च 2023 में दो युवक और जून 2023 में नदीम, फैजल व शहबाज की डूबने से मौत हुई थी।

खदान का पानी हमेशा नीला और साफ दिखाई देता है, इसलिए लोग इसे ब्लू वाटर खदान बोलने लगे।

खदान का पानी हमेशा नीला और साफ दिखाई देता है, इसलिए लोग इसे ब्लू वाटर खदान बोलने लगे।

सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल

बारिश के बाद खदान में पानी भरने से यह जगह तालाब जैसी नजर आती है। इसके चलते लोग यहां घूमने और नहाने पहुंचते हैं। लगातार हादसों के बावजूद खदान के खतरनाक हिस्सों की पर्याप्त घेराबंदी और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर सवाल उठते रहे हैं।

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जयेश का शव पुलिस ने किया बरामद किया था।

जयेश का शव पुलिस ने किया बरामद किया था।

राजधानी के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे 2 बच्चों का शव 36 घंटे बाद मिला है। घटना 31 अक्टूबर 2025 की शाम की है, जब खदान के पानी में नहाने उतरे दोनों बच्चे डूब गए थे। एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने 2 नवंबर की सुबह शव बरामद कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…



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