राजनांदगांव में छात्र नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को आदिम जाति कल्याण विभाग में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल को तत्काल पुनः चालू करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और पार्षद ऋषि शास्त्री के नेतृत्व में यह ज्ञापन आय
.
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल के अचानक बंद होने से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के हजारों आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। पोर्टल बंद होने के बावजूद सरकार या प्रशासन द्वारा कोई राहत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।

पोर्टल बंद होने से छात्रों की शिक्षा पर दिखेगा असर
छात्रों से संबंधित जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र समय पर जारी नहीं हो पा रहे हैं। इसका कारण यह है कि जिले के पटवारी एसआईआर (SIR) फॉर्म के अत्यधिक बोझ तले दबे हैं, जबकि तहसीलदार धान खरीदी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त हैं। इस प्रशासनिक अव्यवस्था का सीधा असर छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है।
विश्वविद्यालय ने सप्लीमेंट्री परीक्षाओं के परिणाम देरी से जारी किए। परिणाम आते ही छात्रों को छात्रवृत्ति पोर्टल बंद मिला। छात्रों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर अवसर से वंचित किया गया, जिससे उनमें संदेह पैदा हो रहा है।

छात्रवृत्ति पोर्टल फिर शुरू करने की मांग की
युवा नेता ऋषि शास्त्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की महाविद्यालय शुल्क, परीक्षा आवेदन और छात्रावास का खर्च छात्रवृत्ति पर निर्भर करता है। पोर्टल बंद होने से गरीब छात्रों के घरों में तनाव का माहौल है। वे दिनभर कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि सरकार केवल कागजी बयानबाजी कर रही है।
उन्होंने सरकार की लापरवाही को हजारों छात्रों की शिक्षा के लिए गंभीर संकट बताया और तत्काल प्रभाव से छात्रवृत्ति पोर्टल पुनः प्रारंभ करने की मांग की।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पोर्टल शीघ्र नहीं खोला गया, तो विद्यार्थियों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और विभागीय अधिकारियों की होगी। इस दौरान विशु अजमानी (प्रदेश सचिव, अल्पसंख्यक विभाग), संदीप सोने, तौसीफ गोरी, राहुल साहू, रोहित कोचरे, विकास यादव, अभय गुप्ता, असल श्रीवास्तव, देव यादव, तरु साहू और प्रथम हरिहरनो सहित अन्य छात्र नेता उपस्थित रहे।
<
