नवरात्रि पर केन्द्रीय जेल रायपुर में 800 से अधिक कैदियों ने उपवास रखा है। ये सभी अपराध मुक्त समाज के लिए सुबह-शाम मां की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। जेल परिसर में ही मूर्तिकार बंदियों ने मिट्टी से मां दुर्गा की 3 प्रतिमाएं तैयार की हैं।
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इनमें से 1 प्रतिमा महिला जेल में और 2 प्रतिमाएं पुरुष जेल में स्थापित की गई हैं। महिला जेल में 31 महिला बंदियों ने 3 दिन का व्रत और 49 महिला बंदियों ने 9 दिन का व्रत रखा। वहीं पुरुष जेल में कुल 722 बंदियों ने 9 दिन का व्रत रखा है।

पूजा पंडाल को पुष्प सज्जा, रंगोली और दीपों से सजाया गया है
जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया जेल प्रशासन की व्रतधारी बंदियों के लिए विशेष तौर पर दूध, केला, फल्ली दाना और गुड़ की व्यवस्था की है। क्षत्री ने कहा –“ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बंदियों को मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति प्रदान करते हैं।

जेल परिसर में भजन-कीर्तन का माहौल
व्रत रखने वाले बंदी प्रतिदिन भजन-कीर्तन और दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे जेल परिसर में भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना हुआ है।
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